31 मई 2026 को मुंबई के मालाड स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र में भारत सरकार के सहयोग से संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से सचेत करते हुए स्वस्थ, सकारात्मक एवं आध्यात्मिक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुनील शुक्ले रहे।
उन्होंने कहा कि तनावपूर्ण जीवन में नशा किसी समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह नई समस्याओं को जन्म देता है।
प्रख्यात अभिनेता राजीव भारद्वाज ने
युवाओं को संबोधित करते हुए नशे की गिरफ्त में आए लोगों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
अभिनेता पवन शंकर ने
आध्यात्मिक जीवन शैली की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यक्ति स्वयं अपना शिक्षक है और योग एवं आत्मिक शक्ति के माध्यम से जीवन में परिवर्तन संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि मेडिटेशन से मन की शक्ति बढ़ती है, जिससे व्यक्ति सही निर्णय लेने में सक्षम होता है।
स्थानीय प्रभारी बी.के. निजा ने
राजयोग मेडिटेशन की महत्ता बताते हुए कहा कि ध्यान से आत्म-जागरूकता बढ़ती है और व्यक्ति अपने विचारों व कर्मों को बेहतर ढंग से समझकर संतुलित निर्णय ले सकता है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ व्यवसायी यतिन मेहता तथा आयुर्वेद एवं पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. हेमंत ठाकुर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का समापन एक मार्मिक नाट्य प्रस्तुति के साथ हुआ, जिसमें तंबाकू सेवन के भयावह दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे सभी उपस्थित जन गहराई से प्रभावित हुए।
यह आयोजन नशा मुक्ति एवं आध्यात्मिक जागरूकता के संदेश को समाज तक पहुँचाने में अत्यंत सफल रहा।





























