नोएडा के सेक्टर-115 स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कार्यक्रम में परमपिता परमात्मा शिव को सर्वोच्च गुरु के रूप में स्मरण कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ ईश्वरीय स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात आध्यात्मिक संदेश, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं विशेष आध्यात्मिक आयोजन के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को आत्मज्ञान, राजयोग एवं श्रेष्ठ जीवन मूल्यों का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न धर्मों के गुरुओं द्वारा मानवता, शांति, प्रेम एवं आध्यात्मिक जागरण के क्षेत्र में दिए गए योगदान का भी स्मरण किया गया।
इस अवसर पर सेवा केंद्र की प्रभारी बीके रिचा एवं बीके श्रीकांत ने गुरु पूर्णिमा के
आध्यात्मिक महत्व पर अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सच्चे गुरु का मार्गदर्शन मनुष्य को अज्ञान से आत्मज्ञान, अशांति से शांति तथा अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। उन्होंने उपस्थित सभी को अपनी कमजोरियों एवं अवगुणों का त्याग कर पवित्रता, श्रेष्ठ संस्कारों एवं आध्यात्मिक जीवन को अपनाने का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान बीके रिचा, बीके श्रीकांत सहित अन्य ब्रह्माकुमारी बहनों को उनकी समर्पित सेवाओं एवं आध्यात्मिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही उपस्थित श्रद्धालुओं ने अपने जीवन में शांति, पवित्रता, सकारात्मकता एवं ईश्वरीय मूल्यों को अपनाकर समाज निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित मनोहारी प्रस्तुतियों ने गुरु-शिष्य परंपरा, भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक जीवन की गरिमा को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया। पूरे आयोजन के दौरान दिव्यता, आत्मीयता एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव ने उपस्थित सभी को परमात्मा से संबंध जोड़कर जीवन में आत्मिक शांति, आध्यात्मिक शक्ति एवं श्रेष्ठ संस्कारों को अपनाने की प्रेरणा प्रदान की।


























