दिनांक 9 फ़रवरी 2026 को ब्रह्माकुमारीज़, मुंबई – घाटकोपर सबज़ोन द्वारा राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉ. नलिनी दीदी जी (‘दीदी माँ’) का प्रथम पुण्य-स्मृति दिवस अत्यंत श्रद्धा, शांति एवं आध्यात्मिक भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर को “मातृ–वात्सल्य दिवस” के रूप में समर्पित किया गया।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के अनेक वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शकू दीदी जी (प्रभारी, ब्रह्माकुमारीज़ घाटकोपर सबज़ोन), राजयोगी ब्रह्माकुमार निकुंज (राष्ट्रीय संयोजक – मीडिया एवं जनसंपर्क सेवा), वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी विष्णुप्रिया बहन तथा घाटकोपर सबज़ोन एवं मुंबई के विभिन्न सेवा केंद्रों की टीचर्स की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ-साथ राजनेता, व्यापारी, डॉक्टर्स, कला, शिक्षा एवं समाज सेवा क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भी उपस्थित होकर अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
यद्यपि राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी डॉ. नलिनी दीदी जी का निवास मुंबई में था, किंतु उनका आध्यात्मिक प्रभाव देश-विदेश तक फैला हुआ था। अपने प्रवचनों, अंतरराष्ट्रीय सेवाओं, दूरदर्शन कार्यक्रमों एवं ऑनलाइन माध्यमों के द्वारा उन्होंने असंख्य आत्माओं को प्रेरणा दी। लोगों ने उनके निष्काम मातृ-वात्सल्य, स्नेह और मार्गदर्शन का गहरा अनुभव किया। वे केवल एक आध्यात्मिक शिक्षिका ही नहीं, बल्कि अनेक आत्माओं के लिए स्नेहमयी माँ और संरक्षक थीं। इसी भाव के सम्मान में इस दिन को मातृ–वात्सल्य दिवस के रूप में मनाया गया।
वक्ताओं ने दीदी माँ के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनकी आध्यात्मिक पालना, मूल्यनिष्ठ जीवनशैली, महिला सशक्तिकरण एवं विश्व शांति के लिए किए गए निस्वार्थ सेवाकार्यों का उल्लेख किया। उनके जीवन को करुणा, सादगी और व्यवहारिक आध्यात्मिकता का सजीव उदाहरण बताया गया।
इस अवसर पर “जननी एंथम” का लोकार्पण भी किया गया, जो दीदी माँ की दिव्य मातृ-भावनाओं से प्रेरित एक भावपूर्ण संगीतमय श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम का समापन ब्रह्मा भोजन के साथ हुआ। अंत में सभी ने दीदी माँ की शिक्षाओं — “खुश रहो, सलामत रहो, शुभचिंतक बनो और महादानी बनो” — को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।



























