दिनांक 15 नवम्बर 2025 को ब्रह्माकुमारीज़ वीरगंज द्वारा बारा, पर्सा, रौतहट तथा नेपाल–भारत सीमाक्षेत्र में ईश्वरीय सेवाओं की स्वर्ण जयंती विश्वदर्शन भवन, छपकैया में हर्षोल्लासपूर्वक मनाई गई। मुख्य अतिथि राजयोगिनी डॉ. राजदिदी जी ने दीप प्रज्वलन एवं शिवध्वज आरोहण द्वारा समारोह का शुभारंभ किया।
वर्ष 1974 में वीरगंज से आरम्भ हुई यह सेवायात्रा आज विशाल आध्यात्मिक वटवृक्ष बनकर लाखों लोगों के जीवन में राजयोग, स्व-परिवर्तन और शांति का संदेश दे रही है। अपने शुभ वचनों में डॉ. राजदिदी जी ने सेवा-स्थापना के अविस्मरणीय अनुभव साझा किए और बताया कि परमात्मा शिव पिछले 89 वर्षों से नवयुग स्थापना का दिव्य कार्य कर रहे हैं।
कार्यक्रम में कई विशिष्ट अतिथियों—उद्योग वाणिज्य संघ, नेपाल-भारत मैत्री संघ, सांसदों, समाजसेवियों एवं विभिन्न स्थानीय प्रतिनिधियों—ने उपस्थिति दर्ज कर ब्रह्माकुमारीज़ की सेवाओं की सराहना की। वरिष्ठ राजयोगियों ने प्रेरणादायी वक्तव्यों के माध्यम से सभा को लाभान्वित किया।
लगभग 2000 लोगों की उपस्थिति वाले इस भव्य समारोह में 25–30 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने विशेष आकर्षण पैदा किया। मधुवन, दिल्ली ORC तथा नेपाल के विभिन्न भागों से आए 108 समर्पित ब्रह्माकुमार–ब्रह्माकुमारी तथा सेवा में भूमि दान करने वाले भूमिदाताओं का सम्मान भी किया गया। LED स्क्रीन व्यवस्था के माध्यम से नेपाल और भारत से आए अनेक श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम का लाभ उठाया।
























