तकनीक की शक्ति जब मानवीय मूल्यों और सकारात्मक सोच से जुड़ती है, तो विकास की दिशा केवल आधुनिक ही नहीं, बल्कि कल्याणकारी भी बनती है। इसी विचार को केंद्र में रखते हुए अभियंता दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज ज्ञान मानसरोवर, पानीपत, हरियाणा में “Role of Engineers in Building a Better World” विषय पर विशेष सेमिनार आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पानीपत थर्मल पावर प्लांट के चीफ इंजीनियर सूरज भान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के साथ पर्यावरण संरक्षण और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बी.के. भारत भूषण भाई तथा राजयोग शिक्षिका बी.के. सारिका ने विषय से संबंधित अपने विचार साझा किए। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में कार्य करने वाले अभियंताओं के लिए सकारात्मक सोच, धैर्य, करुणा और मानवीय मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सीनियर इंजीनियर विकास वादवा, ए.के. चोपड़ा, रमेश पचेरवाल और कुलदीप हुड्डा सहित अनेक वरिष्ठ अभियंताओं की सहभागिता रही।
कार्यक्रम में कार्यस्थल की चुनौतियों के बीच धैर्य, सकारात्मकता और करुणा के साथ परिस्थितियों को संभालने तथा बेहतर कार्य वातावरण बनाने के अनुभव भी साझा किए गए।
समापन अवसर पर सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात भेंट कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के लिए सम्मान एवं आभार व्यक्त किया गया।
संदेश रहा कि तकनीकी प्रगति तभी सार्थक है, जब वह मानवीय मूल्यों, सकारात्मक सोच और विश्व कल्याण की भावना के साथ आगे बढ़े।




















