आबू रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय में आत्मबल और आत्मसुरक्षा के सुंदर समन्वय का संदेश देते हुए सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजस्थान पुलिस की प्रथम बटालियन आरएसी, जोधपुर की वज्र टीम ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए विभिन्न परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने की व्यवहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।
इस विशेष प्रशिक्षण के लिए प्रथम बटालियन आरएसी, जोधपुर के कमान अधिकारी आईपीएस पंकज यादव ने अपनी टीम को विशेष रूप से ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय, आबू रोड भेजा। कार्यक्रम का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर सोहनी जहांगिड़ ने किया। टीम के साथ राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त प्रमुख प्रशिक्षक हनुमान गड, पापाराम एवं भावनाराम भी उपस्थित रहे। हनुमान गड ब्लैक बेल्ट कराटे प्रशिक्षक हैं तथा मार्शल आर्ट में विशेष दक्षता रखते हैं और तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि आत्मरक्षा का उद्देश्य किसी से लड़ना या हिंसा को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि संकट की स्थिति में सजगता, आत्मविश्वास और सही तकनीक के माध्यम से स्वयं की सुरक्षा करते हुए परिस्थिति से सुरक्षित बाहर निकलना है। प्रशिक्षकों ने धक्कामुक्की, कॉलर पकड़ने, गला पकड़ने अथवा जबरदस्ती साथ ले जाने जैसी विभिन्न परिस्थितियों में बचाव की तकनीकों का व्यवहारिक प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल आत्मरक्षा की तकनीकें सिखाना नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, स्वाभिमान, जागरूकता और सुरक्षा की भावना को जागृत करना रहा। प्रशिक्षकों ने संदेश दिया कि किसी भी प्रकार के अन्याय, दुर्व्यवहार या उत्पीड़न को चुपचाप सहन न करें। जागरूकता, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा व्यक्ति को अधिक सशक्त बनाने वाले महत्वपूर्ण आधार हैं।
राजस्थान पुलिस की टीम ने कहा कि आज के समय में आत्मरक्षा का ज्ञान अपनी सुरक्षा, मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास तथा परिवार की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मरक्षा का संकल्प शांति और सुरक्षा से जुड़ा है, हिंसा को बढ़ावा देने से नहीं।
इस अवसर पर वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी.के. मिली, कर्नल बी.सी. सती एवं बी.के. जीतू सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। प्रदर्शन के पश्चात संस्था के महासचिव राजयोगी बी.के. करुणा भाई ने पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें ईश्वरीय सौगात भेंट कर सम्मानित किया।
आध्यात्मिकता जहां व्यक्ति को भीतर से निर्भय बनाती है, वहीं आत्मरक्षा का ज्ञान विपरीत परिस्थितियों में सजग, संयमित और आत्मविश्वासी बने रहने की प्रेरणा देता है। ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय में आयोजित यह प्रशिक्षण इसी संदेश को साकार करता है कि आत्मबल के साथ आत्मसुरक्षा भी आवश्यक है।





























