आध्यात्मिकता, सेवा और दूरदर्शी नेतृत्व के माध्यम से हजारों लोगों के जीवन को नई दिशा देने वाले ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के पूर्व महासचिव राजयोगी बी.के. बृजमोहन भाई जी की पुण्यतिथि के अवसर पर गुरुग्राम स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में स्नेहांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विशिष्ट अतिथियों एवं बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर बी.के. बृजमोहन भाई जी के आध्यात्मिक लेखों के संकलन पर आधारित दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। भारत के प्रतिष्ठित रक्षा वैज्ञानिक डॉ. विलियम सेलवामूर्ति तथा सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता शाही कुमार ने भाई जी के व्यक्तित्व और कार्यशैली को स्मरण करते हुए कहा कि संस्था के सामने आने वाली जटिल परिस्थितियों में भी वे अपनी स्पष्ट, पारदर्शी और दूरदर्शी सोच से सहज समाधान निकाल लेते थे।
ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका बी.के. आशा दीदी ने अपने संस्मरण साझा करते हुए कहा कि ‘
प्योरिटी’ पत्रिका के प्रधान संपादक के रूप में बी.के. बृजमोहन भाई जी की लेखनी ने लाखों लोगों को आध्यात्मिक दिशा प्रदान की। उन्होंने भाई जी की सरलता, समर्पण और परमात्मा की श्रीमत के प्रति निष्ठा को स्मरण किया।
वक्ताओं ने कहा कि
भाई जी स्वयं को सदैव एक निमित्त मानते थे और बाबा की शिक्षाओं को जीवन में उतारते हुए सभी को साथ लेकर चलते थे। वे कहते थे कि अपने पूर्वजों और बाप-दादा की स्मृतियों को केवल यादों तक सीमित न रखकर उनके द्वारा किए गए श्रेष्ठ कार्यों को अपने जीवन में जीवंत बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी.के. रुक्मिणी दीदी ने बी.के. बृजमोहन भाई जी के निमित्त भोग लगाया। इस अवसर पर बी.के. शुक्ला दीदी, बी.के. चक्रधारी दीदी, बी.के. पुष्पा दीदी, बी.के. विजय दीदी, माउंट आबू से बी.के. मोहन सिंघल भाई, बी.के. भारत भूषण भाई, बी.के. सुरेश गुप्ता, डॉ. रूप सिंह एवं बी.के. आनंद सहित अनेक भाई-बहनों ने अपने संस्मरण साझा करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
सुप्रसिद्ध गायक बृजेश मिश्रा ने संगीतमय प्रस्तुतियों के माध्यम से वातावरण को भाव-विभोर कर दिया।
वक्ताओं ने विशेष रूप से भाई जी की निर्भयता, निश्चिंतता प्रदान करने की क्षमता, कुशाग्र बुद्धि, दूरदर्शिता और सभी को साथ लेकर चलने की विशेषता को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भाई जी यज्ञ की सेवा, मुरली और बाबा की याद को अपने जीवन का आधार मानते थे तथा उनकी प्रेरणा आज भी सेवा कार्यों में मार्गदर्शन दे रही है।
राजयोगी बी.के. बृजमोहन भाई जी का जीवन आध्यात्मिक दृष्टि, सेवा-भाव, नेतृत्व और समर्पण का प्रेरणास्रोत रहा। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित यह स्नेहांजलि सभा उनके जीवन-मूल्यों को आत्मसात करने और उन्हें अपने कर्मों में जीवंत बनाने का संदेश दे गई।





























