दिनांक 15 जनवरी 2026 को ऊर्जा संरक्षण एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों पर आधारित एक प्रेरणादायी विचार-सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर यह सशक्त संदेश दिया गया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन थोड़ी-थोड़ी बिजली की बचत करे, तो भविष्य में लाखों यूनिट ऊर्जा की बचत संभव है, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण और स्थायी योगदान बन सकती है।
कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिस प्रकार हम भौतिक संसाधनों की बचत कर सकते हैं, उसी प्रकार हमें अपने विचारों की भी बचत करने की आवश्यकता है। व्यर्थ चिंतन, दूसरों के प्रति नकारात्मक सोच एवं अनावश्यक विचारों में समय न गंवाकर यदि हम स्व-कल्याण एवं विश्व-कल्याण पर ध्यान केंद्रित करें, तो छोटे-छोटे स्व-परिवर्तन से संपूर्ण विश्व के परिवर्तन में सार्थक योगदान दिया जा सकता है।
यह प्रेरणादायी संदेश वनिता मंडल कार्यक्रम के माध्यम से प्रसारित किया गया, जिसमें भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के कर-कमलों द्वारा प्रदान किए गए 35वें राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार का भी उल्लेख किया गया। साथ ही इस अवसर पर ईश्वरीय विश्वविद्यालय रिट्रीट सेंटर से जुड़ी ब्रह्माकुमारी विगोली, पुणे की निदेशिका सुंदना दीदी एवं सह-निदेशिका शीतल दीदी द्वारा जीवन मूल्यों एवं सेवाओं के क्षेत्र में किए गए योगदान को सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का प्रभावी प्रस्तुतीकरण श्री प्रविण कुलकर्णी द्वारा किया गया तथा इसका सीधा प्रसारण आकाशवाणी पुणे केंद्र से किया गया। श्रोता इस कार्यक्रम को Newsonair ऐप के माध्यम से भी सुन सके।
यह विचार-सत्र सभी के लिए आत्म-चिंतन, ऊर्जा संरक्षण तथा विश्व-कल्याण की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी संदेश बनकर उभरा।






















