प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, जालंधर सिटी (मेडिकल विंग) द्वारा “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत माता गुजरी मॉडर्न हाई स्कूल, जालंधर में एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय था – “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत – गर्व से स्वदेशी”, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए उन्हें एक सशक्त, स्वावलंबी और चरित्रवान भारत के निर्माण में सहभागी बनाना था।
कार्यक्रम में बीके संधिरा (सेन्टर इंचार्ज, जालंधर ), बीके सिमरन (राजयोग शिक्षिका), बीके वीना (राजयोग प्रैक्टिशनर) एवं बीके रोहित बत्रा (सीए) ने मुख्य वक्ता के रूप में सहभागिता की। इन सभी ने विद्यार्थियों को नशा मुक्त जीवन की आवश्यकता, राजयोग ध्यान की भूमिका, तथा भारतीय संस्कृति और स्वदेशी जीवनशैली को अपनाने के महत्व पर गहन विचार साझा किए।
बीके संधिरा बहन ने अपने प्रेरणादायी उद्गारों में कहा कि युवा पीढ़ी राष्ट्र की नींव होती है और यदि वे नशे जैसी बुराइयों से मुक्त होकर आत्मनिर्भर, नैतिक एवं जागरूक बनें, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। बीके सिमरन ने राजयोग ध्यान के माध्यम से आत्मशक्ति जागरण पर प्रकाश डाला, वहीं बीके वीना ने सामाजिक परिवेश में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से आत्ममूल्य पहचानने की अपील की। बीके रोहित बत्रा ने व्यावसायिक जीवन में नैतिक मूल्यों की भूमिका बताते हुए नशा मुक्त भारत के आर्थिक और सामाजिक लाभों की व्याख्या की।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने गहरी रुचि दिखाई और अपने प्रश्नों के माध्यम से विषय में गहन समझ विकसित की। अंत में राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया गया, जिससे विद्यार्थियों ने आंतरिक शांति एवं आत्मबल का अनुभव किया और नशे से सदैव दूर रहने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी सिद्ध हुआ, जिसने उनमें न केवल नशा मुक्ति की भावना जागृत की, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, नैतिक और जागरूक नागरिक बनने की दिशा में भी प्रोत्साहित किया।






















