7 जनवरी 2026 , जबलपुर
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ (NMBA) में ब्रह्माकुमारीज़ के सहयोग से सकारात्मक और प्रेरणादायक परिणाम सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, शिव स्मृति भवन, नेपियर टाउन, जबलपुर के सौजन्य से ज्ञान संजीवनी भवन में आयोजित राजयोग मेडिटेशन कार्यक्रम ने नशे की गिरफ्त में फँसे अनेक लोगों के जीवन को नई दिशा दी है।
राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से प्रतिभागियों ने न केवल नशे जैसी घातक आदतों को छोड़ा, बल्कि एक संतुलित एवं खुशहाल जीवन की शुरुआत की। इस अवसर पर जबलपुर के महापौर भ्राता जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक भ्राता अभिलाष पांडेय, विधायक भ्राता नीरज सिंह, सांसद भ्राता आशीष दुबे, बी.के. डॉ. श्याम जी रावत, डॉ. लखन वैश्य सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे बी.के. बनारसी भाई जी ने कहा कि
राजयोग मेडिटेशन आत्म-दर्शन के माध्यम से इच्छाशक्ति को मजबूत करता है और व्यक्ति को नशे से स्थायी मुक्ति दिलाने में सहायक है। विशेषज्ञों के अनुसार राजयोग से मस्तिष्क में सकारात्मक हार्मोन्स सक्रिय होते हैं, जिससे तनाव कम होता है और नशे की तलब पर नियंत्रण संभव होता है।
इंदौर जोन की संचालिका राजयोगिनी बी.के. हेमलताजी ने कहा कि
जब मन परमात्मा की शक्ति से जुड़ता है, तो बुरी आदतें स्वतः ही छूटने लगती हैं।
वहीं बी.के. डॉ. श्याम जी रावत ने बताया कि ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ अब एक जन-आंदोलन बन चुका है, जिसमें राजयोग मेडिटेशन एक “सॉफ्ट पावर” की तरह कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के अंत में बी.के. उषा ने सभी को राजयोग का अभ्यास कराया, जिससे वातावरण शांति और सकारात्मकता से भर गया।






























