दिनांक 30 जनवरी 2026 को हाथरस जिले के सिकंदरा राऊ नगर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे। इस सम्मेलन में ब्रह्माकुमारीज़ को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी के भावना ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे।
उन्होंने सरल शब्दों में बताया कि सच्चा हिंदू वही है जो हिंसा से दूर रहे और श्रेष्ठ संस्कारों को अपने जीवन में अपनाए। उन्होंने कहा कि वास्तविक परिवर्तन बाहर से नहीं, बल्कि भीतर से शुरू होता है।
बी के भावना ने समझाया कि
जब आत्मा पवित्र बनती है, तो विचार पवित्र होते हैं। पवित्र विचारों से वाणी मधुर होती है और मधुर वाणी से कर्म श्रेष्ठ बनते हैं। जब व्यक्ति के कर्म श्रेष्ठ होते हैं, तो समाज और संसार भी श्रेष्ठ बनता है।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति द्वारा भारत माता के चित्र के माध्यम से ब्रह्माकुमारीज़ को सम्मानित किया गया। सम्मेलन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर वरिष्ठ आरएसएस पदाधिकारी एवं प्रमुख समाजसेवी प्रीतम सिंह तथा धर्माचार्य आचार्य सुनील कौशल जी महाराज ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं ने कहा कि जब तक हम अपने जीवन में हिंदू मूल्यों और संस्कारों को नहीं अपनाते, तब तक समाज सशक्त नहीं बन सकता। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आत्म-परिवर्तन और आत्म-पवित्रता की शिक्षा दी जाती है, जिससे व्यक्ति और समाज दोनों का कल्याण होता है।
यह विराट सम्मेलन आध्यात्मिक जागरूकता और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देने वाला रहा।



















