20 मई 2026 को ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय स्थित मनमोहिनी वन परिसर के ग्लोबल ऑडिटोरियम में 3D हेल्थ केयर राजयोग मेडिटेटिव लाइफस्टाइल डिजीज हीलिंग रिट्रीट का शुभारंभ किया गया। डायबिटीज एवं अन्य जीवनशैली जनित बीमारियों पर केंद्रित इस विशेष रिट्रीट में देशभर से आए प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य, आध्यात्म और सकारात्मक जीवनशैली के समन्वय का गहन अनुभव प्राप्त किया।
उद्घाटन सत्र में काउंसलर बीके बाला दीदी ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए
जीवनशैली जनित रोगों की रोकथाम तथा राजयोग आधारित स्वास्थ्य पद्धति पर प्रकाश डाला।
कैट प्रोजेक्ट के निदेशक बीके डॉ. सतीश गुप्ता ने
प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी देते हुए स्वास्थ्य संवर्धन में राजयोग की उपयोगिता को रेखांकित किया।
वहीं मेडिकल विंग के कार्यकारी सचिव बीके डॉ. बनारसी भाई ने
प्रेरणादायी संदेश देते हुए कहा कि राजयोग के माध्यम से व्यक्ति जीवन में संतुलन स्थापित कर तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो सकता है।
सत्र में यह भी बताया गया कि परमात्मा से प्राप्त “साइलेंस पावर” व्यक्ति को आंतरिक रूप से सशक्त बनाती है। राजयोग के अभ्यास द्वारा मन को स्थिर कर कर्मयोगी जीवन जीने की प्रेरणा दी गई, साथ ही आत्मिक शुद्धता और सकारात्मक संकल्पों के माध्यम से जीवनशैली रोगों की रोकथाम पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में यह विचार भी साझा किया गया कि वर्तमान समय में डायबिटीज एवं हृदय रोग जैसी बीमारियाँ व्यापक स्तर पर बढ़ रही हैं और इनसे निपटने के लिए जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। आत्म-नियंत्रण, राजयोग अभ्यास और स्वराज्य की स्थिति को स्वास्थ्य सुधार का आधार बताया गया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके सुदेश दीदी, अतिरिक्त महासचिव राजयोगी बीके डॉ. मृत्युंजय भाई तथा ग्लोबल हॉस्पिटल के निदेशक बीके डॉ. प्रताप मेहता भाई ने भी आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से जीवन में संतुलन और स्वास्थ्य बनाए रखने पर प्रेरक विचार व्यक्त किए।
सभी वक्ताओं ने यह संदेश दिया कि सकारात्मक संकल्प, आध्यात्मिक जागरूकता और नियमित राजयोग अभ्यास व्यक्ति को भीतर से सशक्त बनाकर तनावमुक्त एवं स्वस्थ जीवन की दिशा में अग्रसर करता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को स्वराज्य अधिकारी बनने की प्रेरणा देना और उन्हें एक स्वस्थ, संतुलित एवं आध्यात्मिक जीवनशैली के लिए तैयार करना रहा।































