25 मई 2026 को हैदराबाद स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर में 16वें “एंजेल लाइफ कुमारी रिट्रीट” का सफल आयोजन किया गया। वर्तमान समय की चुनौतियों के मध्य आध्यात्मिक जीवन को अपनाकर आत्म परिवर्तन के माध्यम से विश्व में सुख, शांति एवं श्रेष्ठ मूल्यों की स्थापना के संकल्प को सशक्त बनाने हेतु आयोजित इस विशेष रिट्रीट में पांच राज्यों से आई लगभग 90 कुमारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
रिट्रीट में मुख्य वक्ता के रूप में गुरुग्राम स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका बीके आशा दीदी ने कुमारियों को
आध्यात्मिक जीवन की गहराइयों, आत्मबल तथा श्रेष्ठ संकल्पों की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने प्रेरणादायी संदेश में कहा कि जीवन में शक्ति स्वरूप बनकर परिस्थितियों का सामना करना ही सच्ची आध्यात्मिकता है। उन्होंने कुमारियों को आंतरिक सुंदरता, सद्गुणों और श्रीमत पालन के महत्व को समझाते हुए बाबा के प्रेम में जीवन को समर्पित करने की प्रेरणा दी।
वहीं शांति सरोवर की निदेशिका बीके कुलदीप दीदी ने अपने
स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन एवं अनुभवी उद्बोधनों द्वारा कुमारियों में आत्मविश्वास, साहस और ईश्वरीय मार्ग पर आगे बढ़ने की भावना जागृत की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कुमारी अपने श्रेष्ठ वाइब्रेशन्स से घर-घर को मंदिर बना सकती है तथा आत्मिक सुंदरता से समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
रिट्रीट के विभिन्न सत्रों एवं संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से कुमारियों को जीवन में आध्यात्मिकता को व्यवहार में लाने का संदेश दिया गया। राजयोग शिक्षिका बीके रमा, बीके अंजलि, बीके मनीषा, बीके उमा रानी सहित अन्य बीके बहनों ने आध्यात्मिक गतिविधियों, दिव्य क्विज, ज्ञान, योग, धारणा और सेवा के संतुलित कार्यक्रमों द्वारा रिट्रीट को अत्यंत प्रभावशाली बनाया।
कार्यक्रम का सुव्यवस्थित समन्वय जयश्री दीदी एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में प्रख्यात महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. किरण डी. शेखर तथा उनकी पुत्री डॉ. प्रतिमा शेखर विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
उन्होंने कुमारियों के पवित्र, मूल्यनिष्ठ एवं आध्यात्मिक जीवन की सराहना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य हेतु शुभकामनाएं दीं। अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक वातावरण एवं मेडिटेशन जीवन के सबसे श्रेष्ठ अनुभवों में से एक है, जो आत्मा को ऊंचाइयों तक ले जाने का माध्यम बनता है।
इस रिट्रीट के माध्यम से कुमारियों को यह गहन प्रेरणा प्राप्त हुई कि “आत्म परिवर्तन ही विश्व परिवर्तन का आधार है।” कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों में आध्यात्मिक जागरूकता, सकारात्मक सोच और विश्व कल्याण के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक सशक्त किया।





























