ब्रह्माकुमारीज़ अटलादरा सेवा केंद्र का 24वां वार्षिक महोत्सव उत्साह, उमंग और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर केक सेलिब्रेशन कर सभी का मुख मीठा कराया गया तथा एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दी गईं।
इसी अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ कला एवं सांस्कृतिक प्रभाग के ‘वैश्विक संस्कृति, प्रेम, शांति और सद्भावना’ प्रोजेक्ट का समापन समारोह भी आयोजित किया गया। समारोह में कलाकारों ने विविध नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत किया और उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति की प्राचीन विरासत, उसके आध्यात्मिक मूल्यों तथा भारत की ‘विश्वगुरु’ की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति की मूल भावना प्रेम, शांति, सद्भावना, पवित्रता और आध्यात्मिकता में निहित है। इन मूल्यों को अपने जीवन में धारण करने से व्यक्ति स्वयं में शांति और सकारात्मकता का अनुभव कर सकता है।
समारोह में एम.एस. यूनिवर्सिटी (महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी) के फैकल्टी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स के डीन प्रो. अजय अष्टपुत्रे, प्रसिद्ध गुजराती गायक एवं सांस्कृतिक कलाकार पियूदन गढ़वी, डिक्शा डांस अकादमी की सपना शाह, नृत्य रागिनी परफॉर्मिंग आर्ट की डॉ. रागिनी शाह तथा प्रो. डॉ. प्रीति दमली सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अहमदाबाद मणिनगर सबजोन की प्रभारी बी.के. नेहा दीदी तथा मणिनगर सबजोन की कला एवं सांस्कृतिक प्रभाग की कोऑर्डिनेटर एवं इसपुर सेवा केंद्र की संचालिका बी.के. जागृति ने भी समारोह में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम का संचालन एवं संगीतमय प्रस्तुति बी.के. डॉ. दामिनी द्वारा की गई। विभिन्न कलाकारों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में विशेष आकर्षण जोड़ा। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान एक वक्ता ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि बाबा के स्वरूप के दर्शन और इस आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव करने के बाद उन्हें यह अनुभूति हुई कि यदि सच्ची शांति प्राप्त करनी है, तो ऐसे स्थान पर अवश्य आना चाहिए।
ब्रह्माकुमारीज़ अटलादरा सेवा केंद्र का यह वार्षिक समारोह प्रभारी बी.के. डॉ. अरुणा दीदी एवं सह-प्रभारी बी.के. पूनम दीदी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समारोह ने भारतीय संस्कृति की गरिमा के साथ प्रेम, शांति, सद्भावना और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश प्रभावी रूप से सभी तक पहुँचाया।

























