गुजरात के अटलादरा स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र में भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर सांसद डॉ. हेमांग जोशी के सम्मान में विशेष अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ गुजरात ज़ोन की निदेशिका राजयोगिनी बीके भारती दीदी, अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता बीके शिवानी दीदी तथा संस्थान की वरिष्ठ बीके बहनों ने उन्हें शुभकामनाएं प्रदान किए। समारोह में डॉ. हेमांग जोशी की धर्मपत्नी डॉ. मेघना जोशी भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम में अंबावाड़ी सबज़ोन की प्रभारी बीके शारदा दीदी, मेहसाणा सबज़ोन की प्रभारी बीके सरला दीदी, मणिनगर सबज़ोन की प्रभारी बीके नेहा दीदी, अटलादरा सेवा केंद्र की प्रभारी बीके डॉ. अरुणा तथा सह-संचालिका बीके पूनम सहित अनेक वरिष्ठ बीके बहनें उपस्थित रहीं।
अपने प्रेरणादायी संदेश में बीके शिवानी दीदी ने कहा कि
वर्तमान समय की हलचल एक नई शुरुआत का संकेत है और परमात्मा ने राष्ट्रसेवा के लिए डॉ. हेमांग जोशी को निमित्त बनाया है। उन्होंने कहा कि स्वर्णिम भारत के निर्माण की शुरुआत स्वयं से होती है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आंतरिक शक्ति बढ़ाने, स्वयं की जिम्मेदारी लेने और अपनी आध्यात्मिक उन्नति पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
बीके शिवानी दीदी ने डॉ. हेमांग जोशी को प्रेरित किया कि जब भी वे शहर में हों, परमात्मा के घर आकर कुछ समय राजयोग मेडिटेशन अवश्य करें, ताकि वे आंतरिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा से भरकर समाज तथा युवाओं की बेहतर सेवा कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व परिवर्तन की शुरुआत आत्मा की स्व-शक्ति से होती है।
इस अवसर पर सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने कहा कि बीके भारती दीदी, बीके शिवानी दीदी और वरिष्ठ राजयोगिनी बहनों से सम्मान एवं आशीर्वाद प्राप्त करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि वे इस आयोजन को केवल स्वागत-सम्मान नहीं, बल्कि आशीर्वाद का कार्यक्रम मानते हैं। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के लिए सभी चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ने का संकल्प व्यक्त किया और भारतीय जनता युवा मोर्चा के करोड़ों कार्यकर्ताओं की ओर से राष्ट्रसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
समारोह के पश्चात बीके नेहा दीदी, बीके शिवानी दीदी, डॉ. हेमांग जोशी और डॉ. मेघना जोशी ने सेवा केंद्र में नवनिर्मित भंडारे का अवलोकन भी किया।
यह आयोजन आध्यात्मिक शक्ति, सकारात्मक संकल्प और आत्मिक उन्नति के माध्यम से राष्ट्रसेवा को सशक्त बनाने का प्रेरणादायी संदेश लेकर आया। ब्रह्माकुमारीज़ ने इस अवसर पर स्व-परिवर्तन से विश्व परिवर्तन तथा स्वर्णिम भारत के निर्माण की भावना को प्रोत्साहित किया।

























