गुरुग्राम स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में दिनांक 4 अगस्त 2025 को "विकसित भारत के लिए महिला सशक्तिकरण एवं पर्यावरण" विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान एवं इंडियन योगिनी एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद माननीया रेखा शर्मा ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि भारत में नारी और प्रकृति दोनों को शक्ति और देवी के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला सशक्तिकरण का तात्पर्य केवल आर्थिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता से है। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि हमें अधिक से अधिक देशी उत्पादों का उपयोग कर भारत के विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस अवसर पर ओम शांति रिट्रीट सेंटर की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने कहा कि नारी सदा से ही त्याग, समर्पण और दान की प्रतिमूर्ति रही है। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान राजयोग के माध्यम से आत्मा और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित कर रहा है, जो पर्यावरण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे श्रेष्ठ संकल्पों की ऊर्जा से प्रकृति positively प्रभावित होती है।
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर विषयों पर पैनल डिस्कशन का भी आयोजन हुआ, जिसमें विशेषज्ञों ने गहन विचार साझा किए। इंडियन योगिनी एसोसिएशन द्वारा होमस्टे एवं हीलिंग विलेज की संकल्पना पर स्लाइड्स के माध्यम से जानकारी दी गई।
डॉ. आर. एच. लता ने स्वागत भाषण द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि डॉ. पूनम सिंह ने मंच संचालन की भूमिका निभाई। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के एक प्रेरणादायक गीत से हुई। सांस्कृतिक गतिविधियों के अंतर्गत बाल कलाकार लावण्या द्वारा प्रस्तुत कथक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
इस विशेष संगोष्ठी में इंडियन योगिनी एसोसिएशन की 100 से अधिक सदस्याएं उपस्थित रहीं और कार्यक्रम को अपनी सक्रिय सहभागिता से सफल बनाया। दिनभर चले इस राष्ट्रीय आयोजन ने नारी शक्ति और पर्यावरण के संरक्षण के महत्व को नई दिशा प्रदान की।


























