विश्व शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर द्वारा वर्ष 2025–2026 के दौरान विभिन्न आध्यात्मिक, सामाजिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को लाभान्वित किया गया।

23 अप्रैल 2025 को “स्ट्रेस फ्री लाइफ थ्रू मेडिटेशन” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें दिल्ली ओआरसी से पधारीं बीके हुसैन बहन ने बीके एवं नॉन-बीके भाई-बहनों को तनावमुक्त जीवन के लिए राजयोग मेडिटेशन के महत्व से अवगत कराया।

17 मई 2025 को “ऑपरेशन सिंदूर” के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उड़ीसा के पूर्व वित्त मंत्री भ्राता शशिभूषण जी, न्यायाधीश भ्राता शशिकांत जी तथा पूर्व नौसेना अधिकारी भ्राता शशिकांत जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।

30 मई 2025 को 19 विद्यालयों के 100 से अधिक बच्चों के लिए समर कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने विभिन्न रचनात्मक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों द्वारा प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

21 जून 2025 को “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” थीम पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया, जिसमें बीके भाई-बहनों के साथ कटक आईटीआई के लगभग 500 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

22 जून 2025 को “मेडिटेशन फॉर वर्ल्ड यूनिटी एंड ट्रस्ट (2025–26)” थीम के अंतर्गत लांचिंग कार्यक्रम आयोजित हुआ। दीप प्रज्वलन के साथ इस कार्यक्रम का उद्घाटन आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कमलेश दीदी जी, राज्यसभा सांसद सुलता देव जी तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के सदस्य ऑनरेबल जस्टिस बी.के. सरंगी जी द्वारा किया गया।

10 जुलाई 2025 को सिनेमा एवं टेलीविजन जगत के कलाकारों का स्नेह मिलन आयोजित किया गया, जिसमें उड़ीसा फिल्म एवं टेलीविजन क्षेत्र के अनेक प्रसिद्ध कलाकारों ने भाग लिया।

30 अगस्त 2025 को “मातृ सम्मान कार्यक्रम” का आयोजन किया गया, जिसमें आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कमलेश दीदी जी के सम्मान में उनके लौकिक परिवार के 100 से अधिक सदस्य एवं संबंधी उपस्थित रहे।

15 सितंबर 2025 को “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा कृषक भाई-बहनों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ आदरणीय सरला दीदी जी (चेयरपर्सन, ग्राम विकास प्रभाग) द्वारा किया गया तथा 250 किसानों को आम के पौधे वितरित किए गए।

20 सितंबर 2025 को “नशा मुक्त युवा – विकसित भारत” विषय पर युवाओं को जागरूक करने हेतु कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सम हॉस्पिटल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट डॉ. गौतम, एसीवी मेडिकल कॉलेज के मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अशुमोचन तथा कटक के डीएसएसओ भ्राता मनोज कुमार रथ ने युवाओं को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया।

24 नवंबर 2025 को आदरणीय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी कमलेश दीदी जी की अंतिम यात्रा एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें उड़ीसा एवं भारत के विभिन्न स्थानों से 8000 से अधिक भाई-बहनों ने भाग लिया। इस अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी, उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन मांझी जी, पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक जी, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

6 फरवरी 2026 को “टेंशन फ्री हैप्पी लाइफ” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। मधुबन से पधारे सूरज भाई जी ने जेएसएल के कर्मचारियों को संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जेएसएल के चेयरमैन श्री रतन जिंदल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती दीपिका जिंदल (क्रिएटिव डायरेक्टर, जिंदल लाइफस्टाइल) उपस्थित रहीं।

7 फरवरी 2026 को सूरज भाई जी द्वारा कटक सब-ज़ोन के कुमारों के लिए “ज्वाला स्वरूप तपस्या भट्टी” का आयोजन किया गया, जिसमें आध्यात्मिक साधना पर विशेष ध्यान दिया गया।

6 मार्च 2026 को “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत कॉलेज एवं स्कूल के 200 विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सरकारी एसएसईपीडी विभाग एवं ब्रह्माकुमारीज मेडिकल विंग के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।

8 मार्च 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में “वंदे मातरम – स्वर्णिम भारत” कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आईएएस अधिकारी उषा पाधी जी (एडिशनल चीफ सेक्रेटरी) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. स्मृति महापात्रा (सीईओ, स्वाभिमान) एवं प्रोफेसर डॉ. रेखा दास (डीन एवं प्रिंसिपल) उपस्थित रहीं।

23 मार्च 2026 को ड्रीम्स यूनिवर्सिटी के कृषि विद्यार्थियों के लिए “शाश्वत योगिक कृषि प्रशिक्षण” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के उपरांत विद्यार्थियों ने टेरेस गार्डन का अवलोकन कर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।

इस प्रकार, विश्व शांति सरोवर रिट्रीट सेंटर ने वर्ष भर विविध कार्यक्रमों के माध्यम से आध्यात्मिक जागरूकता, सामाजिक उत्थान एवं नैतिक मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
















