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12th feb soul sustenance hindi

अच्छे हृदय स्वास्थ्य के लिए 5 आध्यात्मिक सुझाव

  • तनाव मुक्त जीवन का अनुभव करें और हल्का रहें – तनाव दिल की समस्याओं को पैदा करने वाले सबसे प्रभावशाली कारकों में से एक है। इसलिये जितना अधिक हम मेडीटेशन का अभ्यास करते हैं और अपने विचारों को नियंत्रित कर उन्हें कम, सकारात्मक और शक्तिशाली रखते हैं, उतना ही हमारा मन हल्का और तनावमुक्त रहता है और साथ ही यह हमारे हृदय के स्वास्थ्य और उसके द्वारा संचालित कार्यो को सुचारू रूप से चलाता है।
  • समय की भाग- दौड से मुक्त रह, आत्म-अभिमानी बनें – दिन भर के विभिन्न कार्यों के बारे में जल्दबाजी और उसके बारे में चिंता करने से हमारे दिल पर लगातार तनाव पडता है जिससे कुछ समय बाद हृदय की बीमारीयों की समस्याएं होती हैं। अध्यात्म हमें समय की भाग-दौड की बजाय, अपने आत्म स्वरूप का अनुभव कर, हर कार्य में उसके सकारात्मक गुणों को उपयोग कर बेहतर तरीके से काम करना सिखाता है।
  • शाकाहारी बनो और शरीर को शुद्ध आहार खिलाओ – शरीर को सबसे अच्छा दिया जाने वाला उपहार है- शाकाहारी भोजन और तम्बाकू/ शराब मुक्त जीवन शैली, जोकि हृदय को कई शारीरिक लाभ देने के अलावा, हमारे शरीर को शांतिपूर्ण वाईब्रेशन देकर शुद्ध बनाता है। यह हमारे स्वभाव को कम आक्रामक, आवेगी और अहंकारी भी बनाता है और हमारे हृदय की कार्य प्रणाली को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है।
  • हर रिश्ते में खुशी और संतोष का अनुभव करें – अलग-अलग स्वभाव के लोगों के साथ रिश्ते निभाने की चिंता; चाहे परिवार में या फिर कार्यस्थल पर, हमारे हृदय पर बहुत नकारात्मक प्रभाव डालता है। प्रतिदिन आध्यात्मिक ज्ञान को पढ़ने या सुनने से, हमें प्रत्येक आत्मा के गुणों और विशेषताओं को देखने से, निरंतर आनंद का अनुभव और किसी भी बोझ से मुक्त होने में मदद मिलती है।
  • जीवन के प्रत्येक क्षण के लिए आभार व्यक्त करें और इसे विशेष बनाएं – अपने जीवन के हर दिन की शुरुआत; हर वस्तु और हर प्राणी के प्रति कृतज्ञता के भाव के साथ करें। साथ ही, दिनभर अपनी अच्छाइओं को बांटते रहें और अपने भीतर इसी ऊर्जा को प्रवाहित होने दें। यह आपको आनंद की स्थिति में रखेगा और आपका दिल स्वस्थ रहेगा। 

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