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ब्रह्माकुमारीज़ संस्था में ज्ञान केसोर्स का आधार क्या है? (भाग 1)

आज पूरी दुनिया ये जानने की उत्सुक है कि ब्रह्मा कुमारीस संस्था में ज्ञान का सोर्स क्या है? इस संस्था द्वारा बतायी गई जानकारी के अनुसार आत्मा, परमात्मा, विश्व नाटक मंच की 5000 वर्षों की अवधि, पुनः स्रष्टी चक्र का फिरना आदि के बारे में आध्यात्मिक ज्ञान के कुछ पहलू या जानकारी, दुनिया में मानी जाने वाली मान्यताओं से थोड़ा अलग जरूर हैं, परंतु यदि वास्तव में हम इनके इतिहास को गहराई से जानें, तो हमें हमेशा आत्मा और परमात्मा जैसे आध्यात्मिक पहलुओं के साथ-साथ दुनिया के इतिहास और भूगोल, समय और प्रकृति जैसे भौतिक पहलुओं के बारे में कुछ न कुछ जानकारी जरूर मिलेंगी, जो कि इस दुनिया में प्रचलित सामान्य मान्यताओं से भिन्न और संभवतः सत्य होंगी। लेकिन, क्योंकि ये विचार इतने शक्तिशाली नहीं थे या बहुत कम लोगों द्वारा मान्य थे, तो उन्हें आम स्वीकृति नहीं मिली। इसीलिए हम देखते हैं कि आज हमें इनमें से कुछ असामान्य, कम लोकप्रिय और संभवतः सत्य विचार, जोकि विश्व नाटक मंच का पार्ट रहने के बावजूद भी हमारे स्कूल, कॉलेज की किताबों और अन्य सामान्य आध्यात्मिक और गैर-आध्यात्मिक साहित्य में नहीं मिलते हैं। साथ ही, इससे संबंधित जानकारी दुनिया के कुछ लोगों को ही थी या है और साथ ही साथ ये दुनिया के कुछ ग्रंथों और अन्य कम लोकप्रिय सोर्स में भी मौजूद हैं।

साथ ही, हमारा इतिहास भी बताता है कि पहले जिस बात को सभी लोग सही मानते थे, वह बाद में गलत साबित हुई। पूरी दुनिया के इतिहास में ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं। इसलिए, यह बात समझी जा सकती है अगर किसी व्यक्ति को ज्ञान के कुछ पहलुओं के बारे में कुछ प्रश्न हैं, जो वे ब्रह्मा कुमारीस के माध्यम से जानना चाहते हैं। प्रश्न पूछने का एक कारण यह भी है कि इनमें से कुछ पहलू आम धारणाओं/ मान्यताओं से अलग हैं और अन्य कारण है कि ज्ञान साझा करने वाले व्यक्ति स्वयं ही उस ज्ञान के सोर्स को गहराई से नहीं जानते व अनुभव कर पाते क्योंकि वे ब्रह्मा कुमारीस के ज्ञान से नए-नए परिचित होते हैं।

(कल जारी रहेगा…)

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