कुछ पलों के लिए रुकें, समझें और आगे बढ़ें

हमारे जीवन में समय-समय पर अलग-अलग प्रकार की परिस्थितियाँ आती रहती हैं। कई बार हम इन परिस्थितियों से नकारात्मक रूप से प्रभावित हो जाते हैं और हमारी अंदरूनी शक्ति कम होने लगती है। कुछ पलों के लिए रुक कर देखना फिर आगे बढ़ना; आध्यात्मिकता की एक सरल विधि है, जिसकी मदद से हम नकारात्मक परिस्थिति में भी सकारात्मक रह सकते हैं। परिस्थिति से प्रभावित होने के बजाय, हम अपनी सकारात्मकता से परिस्थिति को बदल सकते हैं। यह अलग रहने (डिटैचमेंट) की कला है। इसमें हम परिस्थिति से चिपकने के बजाय थोड़ा पीछे हटते हैं, अपने विचारों को ध्यान से देखते हैं, और फिर उन्हें सही दिशा देते हैं। जैसे जहाज या विमान सामने रुकावट देखकर अपनी दिशा बदलता है, वैसे ही हम भी अपने विचारों को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं। इसका अभ्यास करने के लिए 5 आसान स्टेप्स को जानें –
1. सुबह कुछ सकारात्मक और अच्छा पढ़ें या सुनें। जितना मन सकारात्मकता से भरपूर होगा, उतनी ही परिस्थितियों से अलग रहने की शक्ति मिलेगी। इससे आपको शांति और संतोष भी अनुभव होगा।
2. हर घंटे 1 मिनट मन को विराम दें। हर घंटे एक मिनट के लिए जो कर रहे हैं उसे छोड़कर स्वयं को शांत, प्रेममय और शक्तिशाली आत्मा अनुभव करें।
3. पूरे दिन अच्छे संकल्प दोहराएं दिन में 10-15 बार सकारात्मक वाक्य दोहराएं। जैसे – मैं शांत हूँ, मैं शक्तिशाली हूँ। इससे मन स्थिर और केंद्रित रहेगा।
4. डिजिटल डिटॉक्स करें। मोबाइल, टीवी, कंप्यूटर आदि से आने वाली नकारात्मक खबरों और अनावश्यक जानकारी को कम करें। इससे मन हल्का रहेगा।
5. पूरे दिन परमात्मा को साथ रखें। अपनी चिंताएँ परमात्मा को सौंप दें। तब हम परिस्थितियों को एक दर्शक की तरह देख पाएंगे और उनमें उलझेंगे नहीं।
आज का अभ्यास
आज पूरे दिन परमात्मा को अपना साथी बनाकर चलें और हर चिंता उन्हें सौंप दें, ताकि हम हर परिस्थिति को एक दर्शक की तरह सहजता से देख सकें।
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