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14th april soul sustenance hindi

नेगेटिव स्थिति को सोल्व करने के 3 कदम (भाग 1)

आजकल की दुनिया अनिश्चित परिस्थितियों से भरी हुई है और हम सभी यही जीवन जी रहे हैं। इसका कारण क्या है? ऐसा क्यों है कि आज हमारे जीवन में कठिन परिस्थितियाँ बढ़ती जा रही हैं? परमात्मा द्वारा बताये गये, वर्ल्ड ड्रामा के ज्ञान के अनुसार, वर्तमान में हम सभी आत्माएं इसके अंतिम चरण यानि कलियुग के अंत में हैं। इस समय संसार की सभी आत्माएँ, अपने पिछले जन्मों में किए गए, कई प्रकार के नेगेटिव कर्मों के द्वारा नेगेटिव संस्कार से भरी हुई हैं। इन नेगेटिव संस्कारों के कारण ही, हमारा मन नेगेटिव सोच और भावनाओं से भरा हुआ है और साथ ही हम अपने शरीर, अन्य आत्माओं और नेचर में भी लगातार नेगेटिव एनर्जी रेडीएट कर रहे हैं जिसकी वजह से हमारे शरीर, रिश्ते, धन और संबंध-संपर्क भी कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। इसलिए, हमें इन विभिन्न प्रकार की नेगेटिव परिस्थितियों को, धैर्य और समझदारी के साथ सुलझाना होगा। तो आइए, हम इन कठिन परिस्थितियों का सफलतापूर्वक और कम समय में सोल्व करने के लिए जरुरी 3कदमों को जानें –

कदम 1 – किसी भी परिस्थिति को शांति से स्वीकार करना – किसी भी कठिन परिस्थिति को सुलझाने का पहला कदम, उसे ज्ञान और समझ के साथ शांति से स्वीकार करना है। यदि हम किसी भी परिस्थिति का विरोध करते हैं या उससे डरते हैं, तो वो हमें और बड़ी लगती है और इसे सोल्व करने में समय भी ज्यादा लगता है। कभी-कभी परिस्थितियां इतनी बड़ी नहीं होती हैं जितना हम उनके बारे में सोचकर, उन्हें बड़ा बना देते है। इसके अलावा, अपने मन में पोजिटीव और सही सोच रखें, परमात्मा की मदद से और दूसरी आत्माओं के गाईडेन्स से परिस्थिति को बदलना शुरू करें, और साथ ही इसे स्वीकार करें कि, यह परिस्थिति किसी व्यक्ति या किसी अन्य बाहरी शक्ति के कारण नहीं है, बल्की यह हमारे अपने किसी पिछले जन्म या जन्मों के नेगेटिव कर्मों के परिणाम हैं। स्वयं से बात करें, अपने मन को हल्का रखें और गहराई से महसूस करते हुए अपने आप को दोषी न मानें, कि हम बुरी आत्माएं हैं जिन्होंने कई नेगेटिव कर्म किए हैं, जिसके सजा हमें मिल रही है। इसके बजाय, स्वयं को बताएं है कि हम विशेषताओं से भरपूर परमातम प्यारी श्रेष्ठ आत्माएं हैं। हम अकेले नहीं हैं, ऐसे हालात किसी के भी जीवन में आ सकते हैं। चीजों को स्वीकार करने से हम मजबूत और स्टेब्ल बनेगें और प्रतिरोध करने से इमोशनली कमजोर और अनस्टेब्ल।

(कल जारी रहेगा…)

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