आत्म सम्मान (सेल्फ रेस्पेक्ट) के 5 पोजिटीव स्टेप (भाग 3)

आत्म सम्मान (सेल्फ रेस्पेक्ट) के 5 पोजिटीव स्टेप (भाग 3)

  1. मैं एक स्वतंत्र आत्मा हूँ, और नेगेटिविटी मुझे प्रभावित नहीं कर सकती – सेल्फ रेसपेक्ट का एक बहुत ही महत्वपूर्ण कदम; यह याद रखना है कि कोई भी स्थिति या व्यक्ति मुझे नेगेटिव रूप से प्रभावित नहीं कर सकता। स्वतंत्रता; आत्मा का वास्तविक अनुभव और गुण है। एक स्वतंत्र आत्मा दुनिया को एक अलग तरीके से देखती है और मैं बिना किसी दबाव के, अपने सामने आने वाली किसी भी नेगेटीव स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हूँ।, और ये मुझे शक्तिशाली बनाता है। और जितना अधिक मैं सोल एवेअरनेस में रहकर कार्य करता हूँ तो इस दुनिया की बातें मुझे ट्रेप नहीं कर पाती हैं। और अपनी सोच से लगाव और अपेक्षा हटाकर, सभी लोगों को एक एक्टर – जो कभी पोजिटीव रोल में है और कभी नेगेटिव रोल में; जीवन के अलग-अलग सीन परफोर्म करते हुए देखता हूँ। और ये एवेअरनेस– मेरी आत्मा के साथ- साथ, मेरे शब्दों और कार्यों में शक्ति भर देता है।
  2. मैं अनुभव करता हूँ कि गुणों और शक्तियों के खजाने से भरपूर हूँ, – सेल्फ रेसपेक्ट में रहना माना; ये जानना और मानंना कि; मैं इन परमात्म खजानों का मालिक हूँ क्योंकि, मैं उनकी संतान हूँ। प्रतिदिन एक गुण या शक्ति को याद कर, उसे प्रेकटिकली यूज करने से मैं भरपूर और संपतीवान महसूस करता हूँ। लंबे समय तक यह अभ्यास करने से, किसी भी स्थिति में और किसी भी व्यक्ति के साथ, उस वक्त जरुरी गुण या शक्ति को इमर्ज कर पाना आसान हो जाता है, और मैं स्वयं को हल्का और शक्तिशाली, बिना किसी भी बोझ या तनाव से मुक्त महसूस करता हूँ। तो हमेशा याद रखें कि, हर दिन एक गुण का अभ्यास करने से कठिन परिस्थितियां दूर रहती हैं और एक शक्ति का अभ्यास करने से आप हमेशा स्टेबल और मजबूत रहेंगे। तो हम देखते हैं, कि हर दिन परमातम- गुणों और शक्तियों को अपनी एवेअरनेस में रखकर; उन्हें अपने शब्दों और कार्यों में यूज करने से, हम परमातम खजानों से भरपूर हो जाते हैं।

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