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23rd feb soul sustenance - hindi

क्या प्यार दुख देता है?

जब हम अपने जीवन में नए रिश्ते बनाते हैं, तो उनके साथ अपनी प्राईवेट बातें और भावनाओं को भी साझा करके, उनको अपना सच्चा साथी मानते हैं। बदले में वे भी हमसे उतना ही क्लोस हो अपनी फीलिंग और बातें शेअर करते जिससे हमारा एक गहरा रिश्ता बन जाता हैं। लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता है, हमारा ये प्यार, लगाव या मोह में बदलने लगता है। किसी भी रिश्ते में लगाव या मोह पैदा होना; कभी खुशी देता है और कभी हर्ट/ दुखी होने का कारण भी बनता है। सच्चे प्यार का मतलब है एक- दूसरे को खुशी देना, केअर करना, और एक- दूसरे को जरुरत के हिसाब से स्पेस देना; बिना किसी डर या चिंता के। लेकिन जहां लगाव या मोह होता है, तो हम रिश्तों को एक बंधन में रखना चाहते हैं – मोह में जब भी सामने वाला परेशान होता है या जब उनका व्यवहार बदलता है या हम उन्हें खोने से डरते हैं तो इन सब परिस्थितियों में हम भी हर्ट और दुखी हो जाते हैं। और हम ये समझते हैं कि हम उनसे सच्चा प्यार करते हैं लेकिन बदले में हर्ट व दुख मिलता है। सच्चा प्यार और सच्चा प्यार करने वाले कभी किसी को हर्ट नहीं कर सकते नाहीं दुख दे सकते हैं। वो तो प्यार के नाम पर हमारा लगाव/ मोह ही हमें दुख देता है।

किसी भी रिश्ते में प्यार चाहे – माता-पिता, जीवनसाथी, बच्चे, भाई-बहन या दोस्त; हमें भावनात्मक सुरक्षा देता हैं। लेकिन हमें यह समझना होगा कि जहां हम प्यार के नाम पर रिश्तों में लगाव रखकर उनसे जुडाव महसूस करते या उनकी देखभाल करते तो एक दिन हमें दुख या हर्ट का सामना करना ही पडेगा। जब हम रिश्तों और उनसे जुडे लोगों को बिना किसी पहचान के एक आत्मा के रूप में देखते हैं, तो हम बिना किसी लगाव व मोह के सच्चे प्यार का अनुभव करते हैं। तो आइए हम अपने करीबी रिश्तों की गहराई से जाँचें कि क्या हम उनसे प्यार करते हैं या फिर मोह और लगाव के कारण जुडे हैं।

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