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जल्दबाजी से मुक्त रहने के लिए 5 टिप्स

जल्दबाजी से मुक्त रहने के लिए 5 टिप्स

  1. कठिन परिस्थिति होने पर कुछ समय के लिए पॉज लेने का अभ्यास करें – किसी भी प्रकार की नकारात्मक परिस्थितियों में अधिक सोचना और कार्य में जल्दबाजी करना एक सामान्य प्रतिक्रिया है। उस समय आप जो कुछ भी कर रहे हैं, उसे रोककर उसी समय शांति, सकारात्मकता और शक्ति के कुछ संकल्प उत्पन्न करने से, आप अपने संकल्पों को धीमा करने के साथ-साथ उन्हें केंद्रित और जल्दबाजी से मुक्त रख पाएंगे।
  2. अपने हर दिन की शुरुआत मेडीटेशन और मौन से करें – पूरे दिन में अपने संकल्पों की गति को धीमा करने का सबसे अच्छा तरीका है कि, आप अपने दिन की शुरुआत परमात्मा; जो शांति और मौन का सागर है; उसके साथ गहरे संबंधों की अनुभूति के साथ करें। सुबह के समय हमारा माइंड एकदम तरोताजा होता है तो, अगर हम उस समय मेडीटेशन के माध्यम से उसे शांत कर लेते हैं तो उसका प्रभाव पूरे दिनभर रहता है और, परिणाम स्वरूप जल्दबाजी कम और काम ज्यादा हो पाते हैं।
  3. गहराई से चिंतन करें और अपने मन ही मन में अपने समय को रिओरगनाईज करें – जब अचानक हमारे सामने कोई ऐसी स्थिति आती है, जो हमारी आदत से अधिक करने की अपेक्षा करती है तो हम जल्दबाजी करते हैं। ऐसे समय में, हमें लगता है कि, समय बहुत कम है और हम उस चीज को ठीक करने या पूरा करने की जल्दी करते हैं। लेकिन ऐसी परिस्थितीयों में हमें स्वयं के अंदर झांकने और फ्लेक्सिबल होकर समय को सही ढंग से उपयोग करने की जरूरत है और, फिर अपने नियमित समय की तुलना में, कार्यों को एक नये टाईम-टेबल के साथ फिर से शुरू करने की जरुरत है, इससे हमारी जल्दबाजी कम हो जायेगी|
  4. कुछ क्षणों के लिए परमात्मा के साथ का अनुभव कर, उनका मार्गदर्शन लें – कभी-कभी, हमारे ऑफिस के या फिर परिवार के बहुत सारे अधूरे कार्य होते हैं, हमें जिन्हें समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी होती है, तो कुछ समय के लिए अपने मन और बुद्धि को परमात्मा के साथ जोड़ने का अभ्यास करें। उनके साथ का अनुभव करते हुए, उनका मार्गदर्शन लें, जिससे हम स्टेबल और जल्दबाजी से फ्री होजायेंगे और साथ ही यह हमारे माइंड को अधिक व्यवस्थित और कुशल बनाएगा।
  5. केवल वही पढ़ें और सुनें जो जरूरी है – हमारे मन में अधिक विचारों के चलने का एक कारण यह है कि, हम अपने दिन की शुरुआत अखबार और टेलीविजन से करते हैं और पूरे दिन सोचते रहते हैं कि, दूसरे क्या कर रहे हैं, इस पर चर्चा करते हैं, जो बिल्कुल जरूरी नहीं है। इस सबकी वजह से हम थका हुआ और अपने हर काम को जल्दबाजी में करना चाहते हैं| इसलिये हमें इन सबसे दूर रहकर; सकारात्मकता और किफायत के साथ पढ़ना, बात करना और सुनना होगा।

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