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सफलता का अनुभव करने के लिए जरुरी 8 शक्तियाँ (भाग 4)

हर दिन की शुरुआत करने से लेकर अंत तक, अपने आप से बात करें कि मैं अपने मन को स्थिर रखूंगा और 8 शक्तियों में से किसी एक की भी कमी नहीं होने दूंगा। ये 8 शक्तियाँ हैं – सहन करने की शक्ति, समाने की शक्ति, सामना करने की शक्ति, समेटने की शक्ति, परखने की शक्ति, निर्णय करने की शक्ति, अंतर्मुखता की शक्ति और सहयोग करने की शक्ति। फिर, एक दृढ़ संकल्प के साथ अपने दिन की शुरुआत करें और देखें कि यह पहला शक्तिशाली विचार दिन भर में क्या अंतर लाता है? यह उठकर अपने आस-पास के सभी लोगों को गुड मॉर्निंग कहने जैसा है। ऐसा करने से सिर्फ सुबह ही नहीं बल्कि पूरा दिन सकारात्मक तरीके से व्यतीत होता है। उसी तरह, भावनात्मक (emotional) स्तर पर सफल होने के लिए किया गया, एक दृढ़ संकल्प दिन की शानदार शुरुआत करता है। यह दिन भर में आने वाली विभिन्न प्रकार की समस्याओं के प्रभावों से हमें सुरक्षित रखता है। ये एक मोर्निंग मंत्र है जो हमें दिन के अंत तक मजबूत बनाए रखता है। 

दिन की एक दृढ़ संकल्पों के साथ की गई शुरुआत ही आधा काम पूरा कर देती है और मन को नियंत्रण में रख, रिश्तों को भी सफल बनाने में एक अहम भूमिका निभाती है। साथ ही हम परिवार और कार्यस्थल पर भी अपनी भूमिकाएं सुचारू रूप से निभा सकते है। और इसका एक और महत्वपूर्ण पहलू है इससे धन को सही तरीके से संभालने के लिए भी मन में स्थिरता आ जाती है और आखिर में अगर कोई शारीरिक बीमारियां हैं तो उसमें भी ये हमें निडर बनाती हैं। इसलिए, दिन की शुरुआत करने में कभी जल्दबाजी न करें। जल्दबाजी में दिन की शुरुआत करने से पूरा दिन कॅनफ्यूजन और शक्तिहीनता में बीत सकता है जिससे  बार-बार असफलता का भी अनुभव करना पड सकता है। सफल होने की शक्ति का अर्थ केवल भौतिक स्तर (physical level) पर ही सफलता नहीं है बल्कि हर कर्म करते हुए प्रसन्न, संतुष्ट, शांत और हल्का रहने की क्षमता भी बढ जाती है। इसलिए, भौतिक स्तर पर दिन का भरपूर आनंद लें, लेकिन यह न भूलें कि मन के हल्केपन और शक्तियों  के अनुभवों के बिना आप अंदर से संतुष्ट महसूस नहीं करेंगे और जीवन का पूरा आनंद भी नहीं उठा पाएंगे।अतः इन सबके लिए, हर दिन मन में शक्तियों और दृढ़ संकल्पों को दोहराने का अत्यधिक महत्व है।

 (कल जारी रहेगा…)

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