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सोशल मीडिया पर गॉसिप करने से स्वयं को बचाएं

जैसे आजकल हम अन्य लोगों के व्यवहार, उनके लाईफ- इशूस के बारे में नेगेटीव बात न करना, उनकी आलोचना व कमजोरी के बारे में बात नहीं करने का अभ्यास करते हैं, तो आइए उसी तरह हम सोशल मीडिया पर पढी व सुनी जाने वाली बातों के लिए भी ऐसा ही अभ्यास करें। स्वयं को दूसरों के बारे में किसी भी प्रकार की गॉसिप करने से, उनका अपमान और जजमेन्ट करने से बचाएं। जब आप किसी भी तरीके की; झूठी बातें, सच्ची-झूठी बातें, किसी की प्राईवेट बातें, उनसे जुडी अफवाहें व जजमेंट करना इत्यादि में गोसिपिंग करने में भाग नहीं लेते हैं परंतु आपके सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर ऐसे लोगों के बारे में; जो आपके करीबी हैं, या फिर जिनको आप थोडा-बहुत जानते हैं या फिर ऐसे लोग जो पूर्णतः अजनबी हैं, उनके बारे में बातें क्यूं? अब सवाल है कि आप कैसे स्ट्रोग सामाजिक बंधन बनाए रखते हुए, इस तरीके की बातों से पीछे हटते हैं? सोशल मीडिया के माध्यम से लोग तेजी से अफवाहें फैलाते हैं या आलोचनाएं करते हैं, लेकिन हमारी जिम्मेदारी है कि न हम उनमें भाग लें और उनका प्रसार करें। जो भी कहा जाता है यह उनकी राय है, हम उनकी कहानी, उनके मुद्दे या उनके द्वारा बताये गये समाधान का हिस्सा नहीं हैं, तो फिर उस गॉसिप का हिस्सा बनने की जरूरत भी नहीं है। फिर चाहे किसी की इमेज खराब होने की बात हो, कोई तलाक के लिए अर्ज़ी दे रहा हो या किसी को नौकरी से निकाल दिया गया हो, यह उनका निजी मामला है और यह हमारे लिए चर्चा का विषय नहीं होना चाहिये। आइए, विनम्रता से लेकिन दृढ़ता से इन सभी गॉसिप से पीछे हटने या फिर अपना इंटेरेस्ट ना दिखाने का साहस रखें। इसके अलावा हम बातचीत करने का टोपिक भी बदल सकते हैं। और अगर हमें कभी लोगों के बारे में बात करना ही है तो उनकी तारीफें करें, नहीं तो हमारी इमेज और सच्चाई पर सवाल उठ सकते हैं। हर रोज स्वयं को अफरमेशन याद दिलाएं कि मेरा मन साफ है, मैं सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करता हूं और किसी भी प्रकार के गॉसिप से दूर रहता हूं। मैं बुद्धिमत्ता से इंफोरमेशन को चुनता और उपयोग करता हूँ। 

साथ ही, स्वयं को पोजिटीव तरीके से सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए विजुवलाइज करें। अपने आप को याद दिलाएं, कि आप समझदारी से इस प्लेटफोर्म को यूस करते हैं। हर एक इंफोरमेशन को ध्यान से पढ़ें, देखें और सुनें, और अपनी अच्छी इमोशनल हेल्थ से संबंधित इंफोरमेशन को ही स्वीकार करें। दूसरों के बारे में जानकारी पढ़ते और देखते समय मन को स्थिर रखते हुए स्वयं से पूछें कि क्या यह सच है या फिर किसी की मनगढंत बातें हैं? क्या मैं इनके लिए कुछ कर सकता हूं? और यदि आपका जवाब येस है तो अपना पोजिटीव दृष्टिकोण और पोजिटीव रिएकशन दें। और सुनिश्चित करें कि, आपका इरादा बेहतरी, सशक्तिकरण (empowerment)  और सम्मान के साथ बदलाव लाने का है। पोजिटीव ट्रान्सफोरमेशन लाने के लिए, अपने पोजिटीव विचार और वाणी का योगदान दें। और यदि, अगर आप कुछ नहीं कर सकें, तो कृपया मौन रहें। आपका यह शांत मन आपकी और दूसरों की भी रक्षा करेगा और साथ ही वातावरण की आध्यात्मिक ऊर्जा को भी बनाए रखेगा।

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