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किसी के प्रति घृणाभाव से स्वयं को मुक्त रखना

किसी के प्रति घृणाभाव से स्वयं को मुक्त रखना

इस दुनिया में हम इंसानों के बीच, कई प्रकार के रिश्ते होते हैं। हमारे और दूसरों के बीच एक खूबसूरत रिश्ता सच्चे आध्यात्मिक प्रेम पर आधारित होना चाहिए, जिसमें मेरे अंदर दूसरों के लिए कोई नफरत व घृणा का भाव न हो। नफरत व घृणा रखने का मुख्य कारण दूसरे की कमजोरियों या उनके नकारात्मक व्यवहार को देखना है। कभी-कभी हम दूसरे व्यक्ति से कुछ एक्स्पेक्टेशन रखते हैं और जब ये पूरी नहीं होतीं हैं, तो हम उस व्यक्ति को नकारात्मक दृष्टि से देखना शुरू कर देते हैं और उनसे नफरत करने लगते हैं। कई लोगों के लिए, अपने जीवन में कुछ व्यक्तियों के प्रति नफरत रखना बहुत नॉर्मल बात है। तो क्या, हम इस नेगेटिव भाव/ नफरत से पूरी तरह मुक्त हो सकते हैं? क्या ऐसा संभव है? आइए, इससे मुक्त होने के कुछ तरीकों पर नजर डालें –

  1. अपने दिन की शुरुआत; दिल में परमातम प्यार भरकर करें – जैसे ही आप सुबह उठते हैं, आप परमात्मा; जो प्यार का सागर है, उनके साथ अपनी क्लोजनेस के विचार और भावनाएं पैदा करें। मेडीटेशन और साईलेन्स में बैठकर उनके साथ जुड़ें और उनसे ब्लेसिंग लें। इससे आप विश्व की सभी आत्माओं के प्रति, जोकि असल में हमारे प्यारे भाई-बहन और हमारी तरह ही परमात्मा की संतान हैं, उनके प्रति आध्यात्मिक प्रेम से भरपूर हो जायेंगे और महसूस कर पाएंगे कि, हम सभी एक दिव्य परिवार के सदस्य हैं।
  2. गहराई से महसूस करें कि, आप और अन्य सभी एक खूबसूरत आत्मा हैं – हम जब स्वयं को गहराई से प्यार करते हैं तभी हम दूसरों से भी प्यार कर सकते हैं। जब हमें यह एहसास होता है कि, हममें कमज़ोरियाँ हैं तभी हम यह भी महसूस कर सकेंगे कि, दूसरों में भी कमज़ोरियाँ हैं। जब हम जानते हैं कि, हम खुद को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं तो, हम दूसरों के प्रति भी इमपेशेंट नहीं होंगे और महसूस करेंगे कि, वे भी हमारे समान स्वयं को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। फिर हम किसी भी सिचुएशन में उनसे नफरत नहीं करेंगे।
  3. हर किसी को दुआएं दें – दिनभर में जब भी किसी से मिलें तो उनकी खूबियों के बारे में अपने मन में एक सुंदर विचार बनाएं। दूसरे व्यक्ति के बारे में किसी भी नकारात्मक या आम बात को अपनी एवेअरनेस में न आने दें। हमेशा हर एक के बारे में अच्छी बातें ही करें और फैलाएं।
  4. जहां भी रहें, प्यार का सकारात्मक माहौल बनाएं – जब हम सबके प्रति प्यार और क्लोजनेस का भाव रखते हैं, एक-दूसरे के साथ प्यार और खुशी बांटते हैं, तो हम सभी गुणों का एमबॉडीमेंट बनकर, हर मिलने वालों को भी उससे भर देते हैं। साथ ही, हम हमेशा दूसरों के गुणों को ही आत्मसात करेंगे, नाकि उनकी कमजोरियों को।

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