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आपका मन भी एक बच्चा है

June 22, 2024

आपका मन भी एक बच्चा है

मन हमारे बच्चे जैसा है। इसलिए जब हम अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, तो भी हमारी प्रायोरिटी इस बच्चे की भलाई होनी चाहिए। हमें इसका सही पोषण करने, इसे प्यार करने और आराम देने की जरूरत है। लोगों का मानना है कि उन्होंने अपने मन पर नियंत्रण खो दिया है और शक्तिशाली महसूस करने के लिए वे दूसरे लोगों के दिमाग पर नियंत्रण करना चाहते हैं। जबकि हमारा मन ही वो यूनिट है जिसे नियंत्रित किया जा सकता है। हमारी थोड़ी से देखभाल और प्यार इस आंतरिक बच्चे को बहुत सुंदर तरीके से अनुशासित कर देगी। आइए इसके बारे में कुछ बातों को जानें:

 

  1. जैसे आप अपने बच्चों से हमेशा जुड़े रहते हैं, वैसे ही अपने मन से भी जुड़ने की कोशिश करते रहें और हर कदम पर उसे गाइड करें। घर के काम, परिवार, करियर और स्वास्थ्य जैसी जिम्मेदारियां निभाते समय भी आपकी प्रायोरिटी आपका मन रूपी बच्चा होना चाहिए।

 

  1. क्या आप जानते हैं कि यह इनर चाइल्ड आपके नियंत्रण में केवल इसलिए नहीं हो सकता क्योंकि इसे सिखाया नहीं गया कि कैसे और कितना सोचना है? इसके लिए रोजाना मेडिटेशन करें और आध्यात्मिक संदेश पढ़ें, यह आपके मन में सही थॉट क्रिएट करने का सोर्स बन जाएगा। 

 

  1. अपनी ज़िम्मेदारियां निभाते समय, आपका ये बच्चा रोना शुरू कर सकता है माना चिड़चिड़ा हो सकता है, क्रोधित हो सकता है, ईर्ष्यालु हो सकता है या फिर डरा हुआ या आहत हो सकता है। अपने मन रूपी बच्चे को चुप कराने के लिए अपने काम को एक मिनट का पॉज दें। जब लोग आपके प्रति फेयर न हों, अपने मन को शक्तिशाली होना सिखाएं, अतीत को भूल जाएं और सभी के लिए अच्छा सोचें।

 

  1. इस बच्चे को प्यार से अनुशासित करें, बलपूर्वक या कठोरता से नहीं। जब आप अपने मन को समझते हैं तो दूसरों को भी समझना आसान हो जाता है। दूसरों के साथ व्यवहार करते समय भी आप सोचें कि आप उनके इनर चाइल्ड के साथ व्यवहार कर रहे हैं।

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