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आवेग में दिए गए रिएक्शन को जस्टीफाई न करें

February 17, 2024

आवेग में दिए गए रिएक्शन को जस्टीफाई न करें

कई बार हम खुद को ऐसी सिचुएशन में पाते हैं, जहां हम अपने शब्दों और व्यवहार पर नियंत्रण खो देते हैं और आवेग में आकर रिएक्ट करते हैं। साथ ही, हम अपनी गलती मानने की जगह, हम अपने इस व्यवहार को जस्टीफाई भी करते हैं। आज के समय में, हमारे रोल और जिम्मेदारियां बहुत डिमांडिंग हैं और इन्हें पूरा करने के लिए हम निरंतर भागते रहते हैं और कहीं खो जाते हैं। और फिर इसके चलते हम आवेग में आकर बोलते हैं, व्यवहार करते हैं। हम कुछ समय के लिए भी स्वयं को रोककर सोचते भी नहीं हैं कि, किसी सिचुएशन में हमें कैसे रिस्पोंड करना चाहिए बल्कि जस्टीफिकेशन देने में ही लगे रहते हैं।

 

1.सबसे पहले ये जरूरी है कि, हम इस बात को स्वीकारें कि, हमारे ऐसे व्यवहार के लिए कोई भी बात, परिस्थिति या अन्य कोई भी व्यक्ति जिम्मेदार नहीं हैं। और हमारे इस तरह से रिएक्ट करने से सबसे पहले हमारी खुद की आंतरिक शक्तियां कमज़ोर होती जाती हैं। दूसरा अगर हम इसके लिए बाहरी फैक्टर्स को जिम्मेदार मानते हैं तो और भी ज्यादा अपनी शक्तियों को खोते जाते हैं।

 

2.हर घंटे में कुछ समय के लिए रूकें और चेक करें कि- हम कैसे रिस्पॉन्स कर रहे हैं और अगर जरूरी हो तो उसे बदलने का प्रयास करना करें। इन एफरमेशन को दोहराएं- मैं एक शक्तिशाली आत्मा हूँ। बाहर परिस्थिति कैसी भी हों, मैं सही तरह से रेस्पोंड करना ही चुनता हूँ।

 

3.अपने सभी सही रिस्पॉन्स के लिए खुद की प्रशंसा करें। और अगर कोई एक्शन या व्यवहार सही नहीं था, उसके लिए थोड़ा रुकें, रिफ्लेक्ट करें कि, उसे कैसे ठीक किया जा सकता है। अपने मन में, स्वयं को उस सिचुएशन में सही रिस्पॉन्स देता हुआ देखें।

 

4.अपने ओरिजिनल आध्यात्मिक गुणों जैसेकि- शांति, प्रेम और सम्मान के प्रति हमारा अटेंशन और अवेयरनेस ही हमें हर सिचुएशन में सही तरह से रेस्पोंड करने मेें मदद करता है। लेकिन जरूरी है कि, हम अपने व्यवहार के साथ-साथ अपने मन में भी रिएक्ट न करें।

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