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अपने जीवन वृक्ष की शाखाओं से लगावमुक्त रहें

July 6, 2024

अपने जीवन वृक्ष की शाखाओं से लगावमुक्त रहें

आजकल एक बहुत ही आम आदत, जो हमारे अंदर गहराई तक घर कर चुकी है वह है कब्ज़ा करने की आदत यानि कि “पजेशन” जो हमें बार-बार झुकाती है। हम अपने जीवन में, बाहरी लेवल पर कई प्रकार के लोगों, भौतिक सुख-सुविधाओं, भूमिकाओं, पदों, अनुभवों, उपलब्धियों और निश्चित रूप से अपने स्वयं के भौतिक शरीर आदि के संपर्क में आते हैं और आंतरिक लेवल पर अपने विचारों, दृष्टिकोणों, मान्यताओं और मेमोरी आदि के संपर्क में आते हैं। ये सब उन शाखाओं की तरह हैं जो हमारे जीवन रूपी वृक्ष का निर्माण करती हैं। पजेशन माना अपनी जीवन यात्रा तय करते हुए, किसी न किसी समय, इन अलग-अलग शाखाओं में से किसी एक या दूसरे से अटैच रहना। इस आदत पर आध्यात्मिक दृष्टिकोण बहुत स्पष्ट और सीधा है। किसी भी चीज़ पर कब्ज़ा करना या पजेशन संभव नहीं है और यदि हम ऐसा करने का प्रयास करते हैं, तो हम अपनी स्वतंत्रता खो देते हैं। स्वतंत्रता का अनुभव करने के लिए, हमें इन शाखाओं पर निर्भर होना छोड़ना होगा, जिसका मतलब उन्हें खोना या फिर छोड़ना नहीं है क्योंकि वे तो हमेशा ही रहेंगी। हम जब चाहें तब आराम करने या रुकने के लिए उनमें से किसी पर भी वापस लौट सकते हैं। लेकिन, यह अवेयर और एलर्ट रहने के बारे में है, क्योंकि जिस भी क्षण किसी शाखा पर रुकना जब एक पड़ाव में बदल जाता है, फिर वह पड़ाव ब्रेक में बदल जाता है और उसके बाद, ब्रेक रुकावट में बदल जाता है। जिसके परिणामस्वरूप, यदि कोई पक्षी भी ऐसा करता है तो फिजिकल लेवल पर उसके उड़ने की शक्ति कम हो जाती है; ऐसे ही किसी एक ब्रांच पर लगाव रखने से हमारी आध्यात्मिक और भावनात्मक शक्ति कम होने लगती है।

 

जब हम एक समय में एक शाखा को छोड़ना सीखते हैं, तो हम अपने जीवन में एक-एक करके, नए सकारात्मक और सशक्त अनुभवों का स्वागत करते हैं। पक्षियों की तरह हम भी, एक शाखा को छोड़ कर, अपना बाकी जीवन एक समय में एक ही शाखा या फिर कई अन्य शाखाओं की खोज और प्रयास में बिताने में सक्षम होते हैं, और इस तरह से हम इस नए व्यू प्वाइंट से दृश्य का आनंद ले सकते हैं। हम ऊंची उड़ान भरने या एक या दूसरी शाखा पर अटके रहने, दूसरों को उड़ते हुए देखने का जीवन चुन सकते हैं। आदर्श रूप से, हमें स्वतंत्रता के जीवन का आनंद लेना चाहिए जहां हम समय-समय पर अपने जीवन वृक्ष का दौरा करते हैं लेकिन हम इसे या इसकी किसी भी शाखा पर कब्ज़ा करने की कोशिश नहीं करते हैं।

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