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दूसरे जब अच्छा करें, तो खुश हों

July 2, 2024

दूसरे जब अच्छा करें, तो खुश हों

अक्सर जब हम किसी की कमजोरियों या असफलताओं के बारे में सोचते या बात करते हैं, तो हम नॉन स्टॉप बात करते जाते हैं। वहीं दूसरी ओर जब हम उनकी ताकत या सफलता के बारे में बात करते हैं, तब हम उसे एक वाक्य में ही खत्म कर देते हैं। आज की डिजिटल दुनिया में, बहुत से लोग कुछ अच्छी खबरें या उपलब्धियों को साझा करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं। आइए चेक करें कि हम कितनी बार दूसरों के लिए खुशी महसूस करते हैं?

 

1.किसी की सफलता पर प्रश्नचिन्ह लगाने या उनसे ईर्ष्या करने से हमारी एनर्जी कम होती है। अपनी चेकिंग करें कि यदि दूसरों की प्रशंसा हो पर आपकी न हो, यदि कोई और आपसे बेहतर करता है तब क्या आपको उनके लिए खुशी होती है या आपने उनसे ईर्ष्या करते हैं।

 

2.यदि लोगों के अच्छा करने पर आपको किसी तरह की नकारात्मक भावना महसूस होती है, तो ये असुरक्षा का संकेत है जो इस गलत धारणा से पैदा होती है कि जो अच्छा करता है वह सुपीरियर होता है। याद रखें कि, उपलब्धियों से कोई आपसे बेहतर इंसान नहीं बन जाता है। उनकी सफलता उनके प्रयासों, उनके कार्य के प्रति ईमानदारी और क्वॉलिटी का परिणाम है। उन्होंने ऐसा कर दिखाया, आप भी ऐसा कर सकते हैं।

 

3.अपनी सोच को ऊपर उठाने के लिए खुद को मेडिटेशन के द्वारा सशक्त करें। एक ऐसे संसार में, जहां कॉम्पिटिशन और ईर्ष्या लोगों को स्वाभाविक लगती है, वहां सहयोग और प्रशंसा की एनर्जी क्रिएट करें और हर एक को ब्लेसिंग दें। आप जो जानते हैं वो दूसरों के साथ साझा करें और दूसरे जो जानते हैं, उनसे सीखने का प्रयास करें।

 

4.दूसरों के प्रयासों को सराहें और उनकी सफलता को ऐसे सेलिब्रेट करें जैसे कि ये आपकी खुद की सफलता हो। उन्हें आशीर्वाद दें कि वे आगे भी अच्छा करते रहें। आप पाएंगे कि, जीवन में आपको अपार सफलता पुरस्कार के रूप में प्राप्त होगी जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं की होगी।

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