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Hamare jeevan mein aadhymiktaa kyon jaruri hei?

September 3, 2023

हमारे जीवन में आध्यात्मिकता क्यों जरूरी है?

आध्यात्मिकता आत्मा, परमात्मा के ज्ञान और हमारे जीवन के विभिन्न आयामों का एक परिचय है जैसे कि, सही क्या है और गलत क्या है, हम सेल्फ एवेअरनेस की मान्यताओं के आधार पर सही कर्म करके कैसे अपना सुंदर भाग्य बना सकते हैं और कैसे हम अपने डेली रुटीन में परमात्मा के साथ एक पोजीटिव संबंध रख सकते हैं। तो आइए जानें कि, हमें अपने वर्तमान जीवन में आध्यात्मिकता की आवश्यकता क्यों है और यह किस प्रकार से हमारे जीवन में सुंदर बदलाव ला सकती है?

  1. आज दुनिया में ऐसा समय चल रहा है, जब हमारे जीवन में नकारात्मक परिस्थितियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और साथ ही हमारी आत्मिक शक्ति में कमी के कारण हमारे अंदर उन परिस्थितियों को स्वीकार करने व उनका सामना करने की शक्ति भी कम हो रही है। और ये दोनों ही कारण हमारे तनाव के स्तर को बढ़ाकर हमारे जीवन को और भी अधिक कठिन बना रहे हैं। इसका सिर्फ आध्यात्मिकता ही एकमात्र समाधान है जो हमारे तनाव के स्तर को कम कर सकता है और हमारे जीवन को आसान बना सकता है।
  2. साथ ही, तेज रफ्तार से भागते हुये जीवन में हमारे थॉट, हमारा स्वास्थ्य, धन-संपत्ती, रिश्तों और भूमिकाओं में क्वालिटी कम हो गई है और इन सभी चीजों पर ध्यान देने की जरुरत के चलते हम स्वयं को चिंता और दुःख से भर लेते हैं। अपने जीवन में आध्यात्मिक ज्ञान को सुनना और मेडीटेशन का अभ्यास करना ही इन सभी बातों की मुश्किलों को हल करके सभी समस्याओं से मुक्त कर सकता है।
  3. वर्तमान समय में, परमात्मा द्वारा दिए गए वर्ल्ड ड्रामा के शाश्वत ज्ञान के अनुसार, हम सभी आत्माएं अपने कई जन्मों की यात्रा के अंत में हैं, और जब आत्मा, एक लंबी यात्रा के बाद, अपना विवेक, गुण, शक्तियाँ और कौशल खो चुकी होती है और शुद्ध, सकारात्मक और शक्तिशाली नहीं रहती है। लेकिन अपने परमपिता परमात्मा से जुड़कर, हम स्वयं को इन सबसे पुनः भर सकते हैं और थोड़े समय के लिए आत्मिक दुनिया में लौटकर, फिर से कई जन्मों की एक नई यात्रा शुरू कर सकते हैं।
  4. आज हम सभी अपनी फिजीकल पहचान से इतना जुड़ चुके हैं कि, काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईर्ष्या, घृणा और भय जैसी कमजोरियां हमारा नेचुरल नेचर बन गई हैं। इसके अलावा, हमने स्व की आध्यात्मिकता और सर्वोच्च परमात्मा के साथ अपना आंतरिक संबंध भी खो दिया है। केवल आध्यात्मिकता ही आत्मा को शुद्ध कर सकती है और उसे इन सभी आध्यात्मिक बीमारियों से मुक्त कर सकती है।

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