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नेगेटिव एनर्जी को अब्जॉर्ब या रिफ्लेक्ट न करें, बल्कि ट्रांसफॉर्म करें

March 18, 2024

नेगेटिव एनर्जी को अब्जॉर्ब या रिफ्लेक्ट न करें, बल्कि ट्रांसफॉर्म करें

  1. अब्जॉर्ब (अवशोषित) न करें: जब हम व्यक्तिगत तौर पर दूसरों की नेगेटिव एनर्जी को अब्जॉर्ब करके, फिर अपने बिहेवियर द्वारा अभिव्यक्त करते हैं। वास्तविक जीवन में, इस बात का सबसे अच्छा उदाहरण है; टेलीविजन देखना और मीडिया के अन्य रूपों से अवगत होना। इन प्लेटफॉर्म से, बहुत से लोग दूसरों के नाटक में फंसने और दूसरों की भावनात्मक स्थिति को अपने अंदर भी क्रिएट करने का अभ्यास करते हैं। और फिर, जब वे रिएलिटी में वापस आते हैं, तो वे दूसरों को भी उसी तरह से आंकने और समझने लगते हैं और उनके प्रति नेगेटिव एनर्जी क्रिएट करते हैं।

 

  1. रिफ्लेक्ट (प्रतिबिंबित) न करें: यदि हम नेगेटिव एनर्जी को वापस भेजेंगे तो दूसरे लोग क्या करेंगे? संभवतः वे हमें वही एनर्जी वापस भेजेंगे। और फिर हम क्या करेंगे? हम इसे उन्हें पुनः वापस भेजेंगे। और इस तरह से रिश्तों का डिंग-डोंग का खेल चलता रहेगा। आप सभी ने देखा होगा कि, कभी-कभी कॉर्पोरेट आर्गेनाइजेशन में वर्षों तक और परिवारों में जीवन भर यही खेल चलता रहता है।

 

  1. ट्रांसफॉर्म (परिवर्तन) करें: हम सभी के पास एनर्जी को परिवर्तित करने की क्षमता है। क्योंकि जब बच्चा नखरे करता है तो क्या माँ उसे वैसे ही जवाब देती है? नहीं, वह बच्चे की मनोदशा की एनर्जी को स्वीकार करती है, रिसीव करती है, बदलकर और समझकर, सहानुभूति या समर्थन के रूप में प्यार की एनर्जी वापस देती है। तो अगर हम इसे बच्चों के साथ कर सकते हैं तो और सबके साथ क्यों नहीं? तो हम सभी को नेगेटिव एनर्जी देने की आदत के रिपीटीटिव साइकिल से बाहर निकलना होगा। तो आइए, किसी भी रिश्ते में पॉजिटिव एनर्जी को ट्रांसफॉर्म करके वापस भेजने वाले बनें। 

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