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7th june 2024 soul sustenence hindi

June 7, 2024

लगातार हाई सेल्फ एस्टीम का अनुभव कैसे करें?

शुरुआत में किसी भी रिश्ते में, चाहे पर्सनल या फिर प्रोफेशनल, पूरी तरह से पॉजिटिव प्रोजेक्शन दिखाई देते हैं। एक व्यक्ति है जो आपके ऊपर सारे पॉजिटिव प्रोजेक्शन लगाता है कि: आप अद्भुत हैं, अद्वितीय हैं, भरोसेमंद हैं, मूल्यवान हैं आदि। क्या आप जानते हैं कि पॉजीटिव प्रोजेक्शन; आनंद की, खुशहाली की पॉजिटिव सिचुएशन क्रिएट करते हैं। आप अपने लिए प्यार, परवाह, जरूरत और मूल्यवान होना महसूस करने लगते हैं। लेकिन यह पॉजिटिव प्रोजेक्शन उस समय तक चलते हैं, जब तक डिपेंडेंसी और एक्सपेक्टेशन के साथ नेगेटिव प्रोजेक्शन शुरू न हो जाएं। जैसे कि; तुम्हें मुझे बुलाना चाहिए था, तुम्हें मुझे बताना चाहिए था, तुम्हें इस समय आना चाहिए था, तुम्हें ऐसा होना चाहिए था, तुम्हें वैसा नहीं होना चाहिए था, तुम्हें ऐसा या वैसा करना चाहिए था।

 

इन सभी एक्सपेक्टेशन, डिमांड्स और डिपेंडेंसी के साथ, पॉजीटिव प्रोजेक्शन और आपकी फ्लाइंग स्टेज गायब होने लगती है। दूसरे लोग आपके पर्सनल स्पेस में इंटरफेयर करना शुरू कर देते हैं और पहले वाली हार्मनी कहीं खो सी जाती है। हर व्यक्ति को स्वयं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखना सीखना होगा। लोगों के; तुम अद्भुत हो, अद्वितीय हो, ऐसा कहने पर निर्भर न हों। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अपने अहंकार को फीड करने की ज़रूरत है, बल्कि आपको अपने अंदर सबसे ज़्यादा पॉजिटिविटी को इमर्ज करने की ज़रूरत है। अपनी सभी इनर क्रिएटिविटी, पॉजिटिविटी और स्पिरिचुएलिटी के बारे में सोचें और उन्हें इमर्ज करें, ताकि स्वयं को अच्छा महसूस कराने के लिए आपको पॉजिटिव प्रोजेक्शन के लिए दूसरों पर निर्भर न होना पड़े। स्वतंत्र रूप से अच्छा महसूस करने पर आप दूसरों के साथ शांति, प्रेम और पॉजिटिविटी को शेयर कर पाएंगे। और आप पीड़ित की स्थिति में न होकर, निरंतर हाई सेल्फ एस्टीम के साथ अपने जीवन के सच्चे रूलर और कंट्रोलर बने रहेंगे।

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