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परमात्मा के ट्रस्टी कैसे बनें? (भाग 1)

December 11, 2023

परमात्मा के ट्रस्टी कैसे बनें? (भाग 1)

स्पिरिचुएलिटी, हमें ट्रस्टीशिप के एक बहुत ही सुंदर कांसेप्ट से परिचित कराती है। सबसे पहले, मुझ आत्मा को यह एहसास होता है कि,  एक स्पिरिचुअल बीइंग यानि कि मुझ आत्मा के पास; विचारों, शब्दों, कार्यों, गुणों, शक्तियों, समय, भौतिक धन संपत्ति आदि के खजाने भरपूर हैं। हो सकता है कि पहले कई बार अनजाने में, मैंने इन खजानों का दुरुपयोग किया होगा, लेकिन अब मैं आत्मा अपने परमात्मा से स्वयं के आध्यात्मिक उत्थान या अपने लॉन्ग टर्म बेनिफिट के लिए इनका सही ढंग से उपयोग करना सीखना चाहती हूं जिससे मैं उनके गाइडेंस के अनुसार इन खजानों का सही उपयोग, न केवल खुद को बल्कि दूसरों को भी हमारे ट्रुथ के करीब लाने के सकारात्मक उद्देश्य के लिए करता हूं। एक ऐसी स्थिति जिसमें आत्मा शांति, आनंद, प्रेम, खुशी, पवित्रता, शक्ति और ज्ञान के अपने ओरिजनल गुणों का अनुभव करती है। और ऐसा करने से, मुझे स्वयं के आध्यात्मिक आत्म-विकास का अनुभव होता है।

लेकिन जब कभी मैं इस उद्देश्य से भटक जाता हूँ, तब मैं आध्यात्मिक रूप से नीचे आ जाता हूँ, या आध्यात्मिक रूप से विकसित नहीं हो पाता हूँ। लेकिन पहले की तुलना में यह एक अलग एहसास है क्योंकि तब मैं इन खजानों के बारे में जानता ही नहीं था। परंतु अब इन सभी खजानों को अत्यधिक मूल्यवान वस्तु भी माना जा सकता है। और जब ये बताए गए आध्यात्मिक और भौतिक एनर्जी या संसाधन, जो कि मेरे हैं या मैं उन्हें ओन करता हूं, उनका यूज़ करता हूं तो वे खजाने बन जाते हैं क्योंकि अपने स्वयं और दूसरों के प्रति उनका सही उपयोग करके, मैं अपने स्पिरिचुअल सेल्फ वैल्यू बढ़ा सकता हूं। जिसके परिणामस्वरूप मेरे जीवन के सभी भौतिक डाइमेंशन की वैल्यू और उनमें मेरी सफलता भी बढ़ जाती है।

(कल जारी रहेगा…)

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