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12th sept 2023

September 12, 2023

समय श्रेष्ठ हीलर नहीं है

हम सभी ने अपने जीवन में यह अनुभव किया होगा कि, जब भी हम दुःख, दर्द, अलगाव, असफलता या किसी निराशा से घिरे होते हैं, तो अक्सर लोग ये कहते हैं – कि समय सभी घावों को भर देगा, परंतु सच्चाई यह नहीं है। समय मुझ आत्मा के बाहर की एंटिटी (यूनिट) है, जबकि हमारी भावनाएँ आंतरिक हैं, हमारे मन के अंदर हैं। समय कभी भी  हमारे मन, बुद्धि में प्रवेश नहीं कर सकता और हमारी भावनाओं को नहीं बदल सकता। लेकिन समय के साथ साथ हम ठीक क्यों हो जाते हैं क्योंकि, जैसे-जैसे समय बीतता है, हम ज्ञान सुनते हैं, जो हुआ उस पर विचार करते हैं, अन्य लोगों से बात करते हैं, जीवन जीने के तरीकों को समझते हैं, भावनात्मक रूप से मजबूत होते हैं और अंततः जो हुआ उसे स्वीकार कर लेते हैं। इसलिए केवल हम ही अपने आप को ठीक कर सकते हैं, समय नहीं।

आएं इस पल का उपयोग अपने मन को ये समझाने के लिए करें कि, अपने भावनात्मक घावों को भरने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी सिर्फ उसकी है और उसे ठीक करने के लिए समय का इंतजार न करें। आप जिस समय दर्द और परेशानी से जूझ रहे हैं उसे दूर करने के लिए नीचे बताए गए एफरमेशन को हर रोज दोहराएं। इससे आप असहज भावनाओ और परिस्थितियो का सामना करना सीखेंगे और उसे तुरंत ठीक करने के लिए ज्ञान को एप्लाई करना सीखेंगे और साथ ही यह आपको फ्लेक्सिबल बनाएगा।

एफरमेशन –

मैं एक शक्तिशाली आत्मा हूँ… मेरा अपने मन के साथ एक खूबसूरत रिश्ता है…मैं हर स्थिति में इसे खुश और स्टेबल रखता हूं। मैं हर दिन चेक करता हूं कि, आज मैं कैसा महसूस कर रहा हूं…क्या पास्ट का कोई दर्द है…किसी नुकसान की याद है…कोई असफलता है…कोई दुख है…कोई अधूरी इच्छा है…जो मैंने कभी अनुभव की थी…जिसके कारण मेरा मन शांत या खुश नहीं है… मैं जानता हूं कि कुछ लोग मेरे साथ अच्छा नहीं कर रहे हैं…जीवन में परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण रही हैं…लेकिन मैं अपने पास्ट के दुख दर्द को ठीक करने के लिए समय का इंतजार नहीं करता हूं…समय ठीक नहीं कर सकता…मैं यह चुन सकता हूँ कि, स्वयं के मन को कब और कैसे ठीक करना है…मैं समझदारी के साथ अभी और इसी समय इसे ठीक करने का फैसला करता हूँ…कोई भी मुझे हर्ट कर सकता है…लोग अपने दृष्टिकोण के अनुसार ही व्यवहार करेंगे….स्थितियाँ वैसी ही थीं जैसी होनी चाहिए थीं….मैंने खुद ने हर्ट क्रिएट की… यह मेरे पिछले कर्मों का हिसाब किताब था…मेरे द्वारा पास्ट में किए गए कर्मों के अनुसार ही मेरी लाइफ में वो कर्मभोग आया… अब यह खत्म हो चुका है…मैंने वो हर्ट क्रिएट करने के लिए स्वयं को माफ़ कर दिया है… वह अब हमेशा के लिए ख़त्म हो चुका है। मैं अपने मन का मालिक हूं…और मैं स्वयं चुनता हूं कि, मेरे मन में कौन और क्या रहता है… मैं हर परिस्थिति में अपनी हर भावना को चेक करता हूं। अब मैं पास्ट में क्रिएट की गई हर्ट के दुख दर्द से आगे निकल गया हूं…आज से शांति और खुशी का मेरा यह नया कार्मिक एकाउंट है…

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