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शुभकामनाएँ जो मायने रखती हैं!

September 30, 2023

शुभकामनाएँ जो मायने रखती हैं!

शुभ प्रभात/ गुड मॉर्निंग! आज सुबह, क्या आपने अपने परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों को सुप्रभात, शुभ संध्या या फिर शुभकामनाएं दीं? क्या आप लोगों को हर दिन शुभकामनाएं देते हैं? और साथ ही आप इन शुभ इच्छाओं/ कामनाओं को कैसे स्वीकार करते हैं? हममें से ज्यादातर लोग; एक जेनुइन गुड मॉर्निंग: शुभकामना के महत्व को कम आंकते हैं या सीरियसली नहीं लेते हैं। लेकिन हमें यह समझना होगा कि, ये केवल कोई कामचलाऊ या प्रचलित शब्द नहीं हैं बल्कि ये शब्द; अच्छाई के शुद्ध इरादों से भरपूर “आशीर्वाद और दुआओं” की एनर्जी रेडीएट करते हैं और उस दिन के लिए विशेष शुभ आशाएं रखते हैं। इसलिए जब भी कोई हमें ग्रीट करे तो उसे नज़रअंदाज न करें, केवल सिर हिलाकर जवाब न दें, बुदबुदाएं नहीं और नाही यूं ही नाम के लिए गुड मॉर्निंग कहें। इसके अलावा, फ़ोन पर लोगों के साथ मोनोटनस तरीकों द्वारा शुभकामनाओं का आदान-प्रदान न करें। हमें उस मैसेज की एनर्जी को फील करने के बाद अपने एक्शन में लाने की आवश्यकता है। तब रिसीवर यानि सुनने वाले को हमारा मैसेज, उसके पीछे हमारी प्योर एनर्जी प्राप्त होती है। इसलिए गुड मॉर्निंग कहना और जनरली ग्रीट करना हमारे लिए मुश्किल नहीं होना चाहिए. तो आइए अपनी उम्र, पद या प्रतिष्ठा की हायरॉरकी के आधार पर दूसरों से अभिवादन की प्रतीक्षा न करें। लोग कभी खुश, उदास या कभी कभी मूडी हो सकते हैं, लेकिन उनके रेस्पोंस की परवाह किए बिना, हम 2 सेकंड का समय निकालकर उनसे जुडें और हमसे मिलने के उनके अनुभव को अच्छा बनाऐं।

हम अक्सर आई कॉन्टेक्ट बनाना, मुस्कुराना, तारीफ करना या लोगों का अभिवादन करने जैसे आसान एक्ट और जेस्चर की शक्ति को नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हमें ये पता होना चाहिए कि, ऐसे छोटे छोटे मीनिंगफुल कार्य निश्चित रूप से हमारे और उनके दिन में खुशियाँ लाते हैं। दूसरों को अपने बारे में अच्छा महसूस कराने में मदद करने से; हमारी अपनी खुशी बहुत बढ़ जाती है। तो यह देखने के लिए कुछ समय निकालें कि, आपकी पॉजिटिव एनर्जी कैसे आज किसी का दिन बना देती है। हर कोई यह चाहता है कि, उसे स्वीकार किया जाए और उसे सुना जाए। कभी-कभी लोगों को हमसे बस यही चाहना होती है, इसलिए अपने “शब्दों और कार्यों” से उन्हें बताएं कि, वे मायने रखते हैं। क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि, जब आपका सुरक्षा गार्ड गेट खोलते हुए आपके अभिवादन से कितना खुश हो जाता है, और आप किसी अजनबी के लिए दरवाज़ा खोल कर ग्रीट करते हैं या फिर अपने परिवार के सदस्यों को धन्यवाद देते हैं तो आपको कैसा महसूस होता है। जब आप किसी के साथ समय बिताते हैं तो आपको उनकी वैल्यू और इंपोर्टेंस समझ आती है। और सबसे जरूरी बात, जब हमारे एक्ट्स में दयालुता आती है तो, वो हमारी सोच से भी अधिक आनंद देती है।

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