Brahma Kumaris

अपने रिश्तों में देने वाले बनें

अपने रिश्तों में देने वाले बनें
Journey

अक्सर हम अपने रिश्तों में चेक करते हैं कि क्या हम देखभाल, ध्यान देने वाले और क्षमा करने वाले हैं? अक्सर शुरुआत तो हम देने वालों की तरह करते हैं, पर धीरे-धीरे हम उम्मीदों या चाहनाओं की ओर शिफ्ट हो जाते हैं। रिश्ते तभी मजबूत होते हैं जब हम सिर्फ देते हैं... और देते हैं। जब हम अपने रिश्तों में लेन-देन की उम्मीद करते हैं तब हमारे रिश्ते व्यापार बन जाते हैं। क्या आपके महत्वपूर्ण रिश्तों में आपको यह स्पष्ट दिखता है कि आपने उनमें लेने से ज्यादा दिया है? भले ही यह एकतरफा हो, क्या आप दूसरे व्यक्ति को निस्वार्थ प्रेम, सम्मान और देखभाल देते हैं? अगर हां, तो आपके ये गुण लंबे समय तक चलने वाले रिश्ते बनाने में सहायक हैं।

जब हम खुद का भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से ध्यान रखते हैं, तब हम अपने आत्म-मूल्य को पहचानते हैं और खुशी, शांति और प्रेम के कभी न समाप्त होने वाले आंतरिक खजाने को खोजते हैं।

तब हमें दूसरों से कुछ लेने की जरूरत नहीं होती। हमारे पास इतनी ऊर्जा होती है कि हम स्वाभाविक रूप से इसे दूसरों तक पहुंचाते हैं। रिश्ते देने के बारे में हैं, लेने के बारे में नहीं। हम सही ऊर्जा रेडिएट करते हैं, क्योंकि हमें देना अच्छा लगता है और यह हमारा स्वभाव है, न कि इसलिए कि सामने वाले को इसकी जरूरत है। जब हम अच्छाई की ऊर्जा फैलाते हैं, तो सबसे पहले हम स्वयं ही इसका अनुभव करते हैं और हम भावनात्मक रूप से शक्तिशाली, आत्मनिर्भर और स्वतंत्र होते हैं।

याद रखें कि, आप प्रेम से भरपूर आत्मा हैं और स्वयं अपने रिश्तों के रचयिता हैं। अपने परिवार, मित्रों, सहकर्मियों, पड़ोसियों और समाज का ध्यान रखना आपका स्वभाव है। रिश्ते आपके लिए महत्वपूर्ण हैं और अपनों की खुशी सच्चे मायने में आपके लिए महत्व रखती है। अपने हर रिश्ते में देने वाले बनें। स्नेह देकर अपने रिश्तों को स्वीकार करें और बिना किसी शर्त के उनके लिए उपस्थित रहें। जब आप देने वाले बनेंगे आप स्वतः ही इन गुणों से भरपूर हो जाएंगे। इसलिए आपको किसी और से इन्हें लेने की जरूरत नहीं होगी। लोगों से यह उम्मीद न करें कि वे आपके अनुसार चलें, बल्कि उन्हें उनके तरीके से रहने दें। दूसरों की कमजोरियों के बारे में न सोचें, न सुनें और न ही बोलें। हर उस व्यक्ति का धन्यवाद करें जो आपको प्यार देता है और आपका सहयोग करता है। हर उस व्यक्ति का भी धन्यवाद करें जिन्होंने आपके प्रति सही व्यवहार नहीं किया, क्योंकि उन्होंने आपको धैर्यता, समाने की शक्ति और सहनशीलता बढ़ाने का अवसर दिया है। आपको कुछ भी लेने की जरूरत नहीं है। बस आप अपने संबंधों में केवल दाता बनें।

आज का अभ्यास

आज हर रिश्ते में बिना किसी अपेक्षा के प्रेम, सम्मान और सहयोग देने का अभ्यास करें तथा स्वयं को भावनात्मक रूप से आत्मनिर्भर बनाएं।

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