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देवी-देवताओं के 36 दिव्य गुण

देवी-देवताओं के 36 दिव्य गुण
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कल के मैसेज में, हमने देवी-देवताओं में विद्यमान 36 दैवीय गुणों के बारे में जाना। आइए, अब हम हर एक गुण को परखें और इन्हें स्वयं में धारण करें, जिससे हम खुद को परफेक्ट, प्योर और प्रशंसा के योग्य बना सकें।

क्योंकि जितना अधिक हम इन गुणों को धारण करते हैं, उतना ही अधिक हम जीवन के हर क्षेत्र; पर्सनल और प्रोफेशनल में सफलता अनुभव करेंगे और हमारे सभी रिश्ते भी खूबसूरत हो जाएंगे।

इन गुणों को अपने अंदर धारण करने का या जगाने का एक बहुत सुंदर अभ्यास है; कि किसी एक दिव्य गुण को सेलेक्ट करें और उसे एक सप्ताह के लिए अभ्यास में लाएं और फिर अगले सप्ताह एक नया गुण लें। इसके बाद, हर दिन रात में अपनी चेकिंग करें और पर्सनल डायरी में लिखें कि आपने उस अभ्यास को कितने अच्छे से किया। अपनी प्रगति के आधार पर खुद को प्रतिदिन 1 से 10 तक के स्केल में मार्क करें और अगले दिन अपने मार्क्स को बढ़ाने के लिए प्रयास करें। इस अभ्यास को एक गुण के लिए लगातार एक सप्ताह तक करें। हर सप्ताह अलग-अलग गुण लें और अभ्यास को दोहराएं। इसके लिए आप 36 सप्ताह तक 36 दैवीय गुणों का अभ्यास करें।

36 दैवीय गुणों की लिस्ट:

  1. 1सटीकता
  2. 2प्रशंसा
  3. 3कल्याण/भलाई
  4. 4निश्चिंतता
  5. 5हर्षितमुखता
  6. 6सफाई
  7. 7संतुष्टता
  8. 8सहयोग
  9. 9साहस
  10. 10साक्षीभाव
  11. 11दृढ़ संकल्प
  12. 12अनुशासन
  13. 13सहजता
  14. 14निरहंकारिता
  15. 15ऊर्जावान
  16. 16दूरदृष्टि
  17. 17निर्भयता
  18. 18उदारता
  19. 19शुभभावना
  20. 20ईमानदारी
  21. 21नम्रता
  22. 22आत्मनिरीक्षण
  23. 23हल्कापन
  24. 24परिपक्वता
  25. 25दया
  26. 26आज्ञाकारिता
  27. 27सुव्यवस्था
  28. 28धैर्यता
  29. 29विनम्रता
  30. 30पवित्रता
  31. 31राजसी/रॉयलिटी
  32. 32आत्मविश्वास
  33. 33सरलता
  34. 34मिठास
  35. 35अथकपन
  36. 36सहनशीलता

आज का अभ्यास

देवी देवताओं के 36 दिव्य गुण जीवन को कैसे परफेक्ट और सफल बनाते हैं, यह लेख बताता है। जानें साप्ताहिक अभ्यास द्वारा इन गुणों को धारण कर रिश्तों और कार्यक्षेत्र में सुंदर परिवर्तन लाने की विधि।

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