जीवन की भागदौड़ में सुकून के पल नहीं थे। सब कुछ था वहां पर हम नहीं थे। आकर यहां पर इतना सुकून पाया हूं। आकर यहां पर इतना सुकून पाया हूं। आज खुद से मिलकर खुद को ढूंढ पाया हूं।
ओम शांति।
मेरा नाम प्रथमेश सिन्हा है। मैं 14 साल का हूं। मैं नेशनल अवार्ड श्रेष्ठ दिव्यांग बाल पुरस्कार 2024 का मैं एक टेड्क्स स्पीकर हूं। मैं एक मोटिवेशनल स्पीकर हूं और मुझे मौका मिला आईटी रिट्रीट के लिए ज्ञान सरोवर माउंट आबू आने का जो ब्रह्मकुमारीज का हेड क्वार्टर है।
पहली बार मैं ब्रह्मकुमारी से 2022 में जुड़ा था। उसके बाद मैं जगदंबा भवन जाने लगा मैं हमेशा जाता हूं। उसके बाद से मैं एज अ स्पीकर [as a speaker] हमेशा जाने लगा। मैं वहां का स्टूडेंट तो हूं ही। वहां पे हमेशा सीखता रहता हूं। लेकिन समर कैंप में, विंटर कैंप में बच्चों के वहां पर बच्चों को मोटिवेट भी करता हूं। आज जब मुझे माउंट आबू आने का मौका मिला तो ब्रह्माकुमारीज की जो लेसंस है, जो टीचिंग है वो और डीपली मुझे समझने का मौका मिला और अब मैं ब्रह्माकुमारीज की इन सभी टीचिंग्स को अपनी लाइफ में बहुत अच्छे से इंप्लीमेंट करूंगा।
खासकर मेरे जैसे एज के बच्चे जो होते हैं उनके लिए या दूसरे भी लोग उनके लिए लाइफस्टाइल से जुड़ी काफी सारी बातें कि टाइम पर खाना, टाइम पे सोना, सब चीजें टाइम पर करना, फोन से दूर रहना क्योंकि वो हमें मेंटली बहुत इफेक्ट करता है। और मुझे ऐसा लगता है कि बच्चों के लिए मेडिटेशन बहुत जरूरी चीज है। वो इसीलिए क्योंकि आजकल के हम जो बच्चे हैं हमें काफी एंजायटी, एग्जाम स्ट्रेस, एकेडमिक प्रेशर ना जाने क्या-क्या फेस करना पड़ रहा है। ऊपर से हमें कहा भी जाता है कि एकेडमिक के एग्जाम्स हैं, तो स्ट्रेस तो लेना ही चाहिए। ऐसे में स्ट्रेस हमें लेना नहीं चाहिए और उसके लिए सबसे अच्छा तरीका है मेडिटेशन करने का।
मुझे तो लगता है मेडिटेशन इज द बेस्ट पावर बूस्टर, बेस्ट स्ट्रेस बस्टर [Meditation is the Best Power Booster, Best Stress Buster] ।अमृतवेला सुबह-सुबह, लगभग 4:00 बजे का ब्रह्ममुहूर्त होता है। उसी समय मैं हमेशा मेडिटेशन करता हूँ। मुझे तो ऐसा लगता है कि मेडिटेशन हर किसी को करना चाहिए फॉर देयर मेंटल हेल्थ, फॉर देयर फिजिकल हेल्थ। मेडिटेशन हमारे सबकॉन्शियस माइंड को भी काफी एक्टिव रखता है। हमारे कॉन्शियस माइंड को भी एक्टिव रखता है। और उसमें हम एफर्मेशन करते हैं उसमें हमें हम खुद से मिल पाते हैं वो सबसे अच्छी चीज होती है। मेडिटेशन का वो सबसे अच्छा पार्ट होता है।
मैं यहां से राजयोग सीख के गया हूं। अब मैं घर पे रोज करूंगा और मैं आशा करता हूं कि आप भी मेडिटेशन को अपने जीवन में अपनाएंगे। इट्स द बेस्ट थिंग फॉर फिजिकल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, एवरीथिंग [It is the best thing for physical health, mental health overall everything]। और आप मेडिटेशन पे बहुत ज्यादा रिलाइ[rely] कर सकते हैं। इट आल्सो हेल्प्स यू टू रिवाइव योर माइंड [It also helps you to revive your mind]।
यहां पर माउंट आबू आके मुझे बहुत खुशी हुई। बहुत मजा आया। ये तो लाइफटाइम एक्सपीरियंस है। मैं हमेशा सोचता था कि माउंट आबू जाना है, माउंट आबू जाना है, माउंट आबू जाना है। आज जब माउंट आबू आ गया तो मन कर रहा है कि माउंट आबू से नहीं जाना है। मैं तो हमेशा यहां आना चाहूंगा। आप लोग भी जरूर आइए। एक बार विजिट कीजिए। आप सबको बहुत मजा आएगा।
ओम शांति।
नमस्कार।

हैप्पी माइंड, हैप्पी किड्स
मेडिटेशन बच्चों को शांत रहने, अच्छी नींद लेने, एकाग्र रहने और दयालुता के साथ बढ़ने में मदद करता है। कुछ शांत पल ही उनके मन को उज्ज्वल और शक्तिशाली बना सकते हैं।
लेट्स मेडिटेट




