
“गाली को गले लगाने की शक्ति कहाँ से आती है? आइए, आज इस रहस्य को भीतर जाकर अनुभव करें”
यह ध्यान हमें दाता भाव में स्थित करता है जहाँ लेने की अपेक्षा समाप्त हो जाती है और देने का आनंद भीतर में उतरता है। जब हम प्रेम, सम्मान, और गुण बाँटते हैं, तो सबसे पहले वही ऊर्जा हमें ही शक्ति देती है। क्रोध और अपेक्षा के बंधनों से मुक्त होकर आत्मा हल्की और ख़ुशी अनुभव करती है।
इस मैडिटेशन के पश्चात् आप गहराई से संतुष्ट और संपन्न अनुभव करेंगे...
How you want to feel
Life stages
ओम शांति
कंफर्टेबल होकर बैठे बॉडी को रिलेक्स करे जीवन में बड़े ते बड़ी शक्ति है सहयोग देने की शक्ति हम देनेवाले दाता के बच्चे है हमे किसीसे कुछ नहीं चाहिए आज संकल्प करे मै देनेवाला देवता हु लेनेवाला लेवता नहीं किसी भी देवी की मूर्ति को सामने लाएं हाथ हमेशा देनेवाला है अपने जीवन में आज इस धारणा को पक्का करे मुझे देना है सबको देना है जो देंगे वह पहले मुझे मिलेगा किसीको प्यार देंगे उस प्यार का अनुभव सबसे पहले मुझे होगा किसीपर क्रोध करेंगे उस क्रोध की अग्नि में भी पहले मै ही जलती हु गरम कोयला किसीपर फेकना है पहले तो हाथ मेरा ही जलेगा इसलिए अपने फायदे के लिए मुझे सबके साथ गुण बांटने है प्यार देना है सम्मान देना है खुशी बाटनी है कोई ईंट भी मारे लेकिन उसका जवाब पत्थर से नहीं प्यार से देना है क्यों कि जो हम देंगे वह हमारे पास लौटकर आएगा इसलिए गाली देनेवाले को भी गले लगाना है अपकार करने वाले पर भी उपकार करना है देने से हमारे गुण बढ़ते है इसलिए आज प्रतिज्ञा करे हमारे जीवन का लक्ष्य है देना मुझे किसीसे कुछ नहीं चाहिए किसी से कोई अपेक्षा नहीं है आज सारा दिन ज्ञान गुण शक्तियां दुवाएं अनुभव औरो के साथ बांटने है
ओम शांति
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