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“क्या कोई आपके सारे बोझ सुनकर उन्हें हल्का कर सकता है? हाँ, एक है—आपके समान, पर असीम”
इस मेडिटेशन के माध्यम से हम आत्मा अपने पिता परमात्मा से जुड़ती है, जिससे मन में दिव्य ऊर्जा का संचार होता है। परमात्मा की किरणें आत्मा को शांति, प्रेम और शक्ति से भर देती हैं, जिससे आत्मा हल्की, शांत और निडर अनुभव करती है। जब यह अनुभव होता है कि परमात्मा हमारा साथी है, तो अकेलापन और असुरक्षा स्वतः समाप्त हो जाती है। इस अभ्यास से आप एक सच्चे, सुंदर और गहरे ईश्वर संबंध की अनुभूति करते हैं।
इस अनुभव के पश्चात् आपको ईश्वर की निकटता जीवन के हर पल में महसूस होगी...
How you want to feel
Life stages
ओम शांति
कुछ पलों के लिए अपने को स्मृति दिलाए जैसे मैं आत्मा बिंदु स्वरुप हूं चमकता हुआ सितारा हूं ऐसे मेरा पिता परमपिता भी मेरे समान बिंदु की तरह है वो साइज़ में बड़ा नहीं है लेकिन गुणों का सागर है मैं शांत स्वरूप हूं वो शांति का सागर है मैं प्यार स्वरूप हूँ वो प्यार का सागर है ऑलमाइटी हाईएस्ट है लेकिन वह मेरा है मैं उसकी संतान हूँ आई ऍम द चाइल्ड ऑफ़ गॉड उसके साथ रिश्ता जोड़ें मन में कोई भी बात है बोझ है डिस्टर्बेंस है उसके साथ शेयर करें अपने दिल के बाद उसको कह कर बिलकुल हल्के हो जाएं और मह्सूस करें कि उसकी शक्तियों के किरणें मुझ पर बरस रही है जैसे सूर्य की किरणें शरीर को हील करती है ऐसे परमात्मा की किरणें मुझ आत्मा को हील कर रही है हल्कापन महसूस हो रहा है एकदम लाइट और पावरफुल आज सारा दिन अकेले नहीं उसको साथी बनाकर के दिन बिताएं तो डर नहीं लगेगा लेकिन सिक्योरिटी का अनुभव होगा
ओम शांति
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