
“क्या आपने कभी अपने आज के दिन को आत्मा की दृष्टि से देखा? आज आइए, उसे अनुभव करें”
यह ध्यान हमारी दृष्टि को शुद्ध और आत्मिक बनाता है, जिससे हम हर व्यक्ति को आत्मा के रूप में पहचानने लगते हैं। जैसे ही हमारी सोच और व्यवहार बदलते हैं, हम अपने चारों ओर प्रेम, करुणा और शांति की ऊर्जा फैलाने लगते हैं। यह ऊर्जा न केवल हमें हील करती है, बल्कि पूरे वातावरण को शुद्ध और स्नेहमयी बनाती है। इस साधना से हम अपने भीतर की रोशनी को जगाते हैं और संसार को एक सुंदर स्थान बनाने की जिम्मेदारी उठाते हैं।
इस अनुभव के बाद आप स्वयं को और इस विश्व को नई दृष्टिकोण से देखना शुरू करेंगे...
How you want to feel
Life stages
ओम शांति
पहले कंफर्टेबल हो कर बैठे | दो मिनट के लिए मन को चारों तरफ से समेट ले प्रजेंट मूमेंट में आ जाए अपने आज के दिन को रिफ्लेक्ट करें आज अब हम सबसे मिले तो हमने क्या देखा और उस इंटरेक्शन करते समय औरों के साथ व्यवहार करते समय क्या हमें उनके लेबल्स दिखाई दिए या लेबल्स के पीछे वो पीसफ़ुल सोल दिखायी दी | अपनी को रिफ्लेक्ट करें सारे लेबल्स अक्वायर्ड हैं हर एक का रोल अपना अपना है कोई बॉस है कोई ड्राइवर है कोई टीचर है लेकिन हमारा व्यवहार उसके रोल से नहीं उसके रिलिजन से नहीं लेकिन वो जो स्पिरिट है जो सोल है उससे है उसे हो भले सब हमारे तरह नहीं है हम सब डिफरेंट है रिलीजियस डिफरेंसेस है कल्चरल डिफरेंसेस है हमारी सोच अलग-अलग है लेकिन उसके बावजूद भी हमारे दिल में हर एक के लिए प्यार रेस्पेक्ट हो हम काइंड हो कम्पासिओनेट हो मुझे ऐसा वाइब्रेशन विश्व में रेडिएट करना है मुझे भी हील करे मुझे भी सुख दे औरों को भी सुख दे अपने व्यवहार को देखें क्या मेरे थॉट्स बोल और कर्मों से औरों को सुख मिला क्योंकि जब हम बदलेंगे तो विश्व बदलेगा हम जो रेडिएट करते है वही तो संसार की एनर्जी है जब हमारी एनर्जी पुरे होगी विश्व का वायुमंडल भी ऑटोमेटेकली प्योर होने लगेगा सो लेटस टेक रिस्पांसिबिलिटी टू क्रिएट पीसफुल एंड अ हैप्पी वर्ल्ड
ओम शांति
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