
“आज आइए... देह से अलग हो, खुद को महसूस करें, सोचें "मैं कौन हूं", आत्मा के रूप में पहचानें... और उस दिव्यता को अनुभव करें”
यह ध्यान हमें प्रकृति की गोद में आराम करने का सुखद अनुभव कराता है। समुद्र की लहरें, ठंडी हवा और नीला आसमान हमें अंदर से शांत कर देते हैं। जब हम अपने मन को बाहरी दुनिया से हटाकर अपने अंदर की ओर ले जाते हैं, तो हमें शांति और मौन का अनोखा अहसास होता है। इस अनुभव में हम अपने शरीर से अलग, खुद को एक जागरूक, हमेशा रहने वाली (अविनाशी ) और दिव्य आत्मा के रूप में पहचानते हैं, जो मजबूती और अंदरूनी शक्ति से भरी होती है।
यह अभ्यास आत्मा और परमात्मा के बीच के गहरे प्रेम और शांति के रिश्ते को दिखाता है, जिससे हमारे अंदर संतोष, प्यार और पवित्रता की भावना लगातार बनी रहती है। हम खुद को शांति और प्रेम के एक स्रोत के रूप में महसूस करते हैं, जो दुनिया में अच्छे विचारों का प्रकाश फैलाने आया है। यह ध्यान हमें हल्का, स्थिर और प्रेरित बना देता है, जिससे हम खुद को एक महान आत्मा के रूप में आसानी से स्वीकार कर पाते हैं।
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ओम शांति, जैसे-जैसे मैं स्वयं को योग के शक्तिशाली अनुभव के लिए प्रस्तुत करती हूं, उसके प्रथम चरण में मैं अपने शरीर और अपने मन को आराम और शांति प्रदान करती हूँ । जहां भी बैठे हैं,अपने शरीर को ढीला छोडदे । अपने मन के विचार...
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