
“जब आप अपने जीवन के उद्देश्य और अपनी आंतरिक विशेषताओं को गहराई से समझना चाहते हैं और हर कर्म से दुआएं अर्जित करना चाहते हैं।”
इस ध्यान का अभ्यास करने के बाद मन में एक गहरी शांति का अनुभव होता है। आप अपने अस्तित्व की सच्चाई और अपनी आत्मिक पहचान को महसूस कर पाते हैं। यह अनुभूति आपको यह समझने में मदद करती है कि जीवन की सारी उपलब्धियां और प्रशंसा अस्थायी हैं, परंतु आपके अंदर की दिव्यता और विशेषताएं शाश्वत हैं।
धीरे-धीरे आप अपने हर कर्म को ऐसा बनाना सीखते हैं जो न केवल प्रशंसा पाए, बल्कि दिल से निकली दुआएं भी अर्जित करे। यह ध्यान आपके जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाता है, और आपको परमात्मा की शक्ति का अहसास कराते हुए एक नई प्रेरणा के साथ आगे बढ़ने की शक्ति देता है।
How you want to feel
Life stages
ओम शांति !
कुछ पलों के लिए स्वयं को.. स्वयं के जीवन को, जीवन में चल रही परिस्थितियों को.. गहराई से सोचें .. मेरा सारा दिन.. स्वयं के प्रति.. और मेरे कर्म के प्रति.. निरंतर कर्म करते-करते निकल जाता है.. एक पल ठहरकर.. आज.. अपने आप से.. यह प्रश्न करें– क्या वास्तव में जो कुछ भी हम कर रहे हैं.. जीवन में.. ऑफिस में.. सोसाइटी में.. जो खुशी.. जो सक्सेस.. जो अप्रिसिएशन.. मुझे मिल रहा है.. क्या यही मेरे जीवन का लक्ष्य है?
अंदर से एक खुशी भी है.. कि मैं जो भी कर रहा हूं.. कर रही हूं.. उससे सब खुश हैं .. People admire me for what I do.. But do they admire me for who I am? मैंने जो किया बहुत अच्छा किया.. लेकिन.. अंदर से क्या उतना ही अच्छा मुझे फील हो रहा है? अपने मन की गहराइयों में जाएं.. और स्वयं में देखें.. मेरे अंदर कितनी सारी विशेषताएं हैं.. जो ईश्वर ने भरी हैं.. मस्तक के बीचो-बीच महसूस करें.. एक चमकता हुआ सितारा.. जो इस पूरे शरीर को प्रकाशित कर रहा है.. कितने गुण.. और कितनी विशेषताओं से भरा हुआ है यह सितारा? यही मेरा वास्तविक.. आत्मिक स्वरूप है.. यह शरीर.. यह नौकरी.. यह पढ़ाई.. यह उपलब्धियां — यह सब कुछ भी मैं लेकर नहीं आई.. सब कुछ.. इन विशेषताओं के कारण ही पाया और अंत में भी.. यह सब कुछ.. दूसरों को पास ऑन करके.. या यहीं छोड़कर.. अपनी विशेषताओं को लेकर ही.. मुझे आगे बढ़ना है..
क्या मैंने.. इन विशेषताओं को पूरा जान लिया है? क्या मैंने अपनी.. इन सभी खूबियों को.. शक्तियों को कार्य में लगा लिया है? Let me check myself. जीवन में अभी कितनी सारी विशेषताएं प्रयोग करनी बाकी हैं? कितने सारे ऐसे और कर्म बाकी हैं.. जिससे हमेशा-हमेशा के लिए दूसरों के जीवन में प्रेरणा.. सुख और शक्ति भर जाए.. कुछ ऐसा कर जाए.. जो मुख से वाह-वाह कहने वाले.. तालियां बजाने वाले दिल से दुआएं दें.. उन्हें भी कुछ अच्छा करने की प्रेरणा मिल जाए.. मेरे जाने के बाद भी.. मैं जो हूं... उसके लिए मुझे याद किया जाए.. और मैंने जो किया.. उसका इंप्रेशन.. उसकी छाप भी लोगों के मन में सदा प्रेरणा देती रहे.. अपने सामने.. सुप्रीम शक्ति परमात्मा को अनुभव करते हुए.. उनकी ब्लेसिंग्स.. उनकी शक्तियां अपने जीवन में.. अनुभव करते हुए आज.. अपने साथ यह संकल्प करें.. कि अब से.. जो भी कर्म हम करें.. उससे दिल की दुआएं सबसे लेनी हैं ! अपने हर कर्म से.. दूसरों को प्रेरणा.. और दूसरों के दिल की दुआएं.. मुझे अपने भाग्य में जोड़नी हैं.. जो हमेशा मेरे साथ रहेंगी.. और साथ चलेंगी.. और इस कार्य में.. मेरी अपनी विल पावर.. और परम पिता परमात्मा की ब्लेसिंग्स.. शक्तियां मेरे साथ हैं !
ओम शांति !
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