
“जब आप जीवन में अच्छे कर्म करने के बाद भी दुख, चुनौतियों और परीक्षाओं का सामना कर रहे हों और समझना चाहते हों कि ऐसा क्यों हो रहा है।”
यह ध्यान सिखाता है कि हर सुख-दुख का पल एक अर्थपूर्ण ड्रामा का हिस्सा है। इससे समझ आता है कि अच्छे लोगों के जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ दंड नहीं, बल्कि सोने को तपाने की तरह की परीक्षा हैं, जो आत्मा को और अधिक शुद्ध व मजबूत बनाती हैं।
इस ध्यान का अभ्यास करने से मन में शिकायत या उदासी की जगह स्वीकार्यता और धैर्य आता है। यह महसूस होता है कि परमात्मा की रोशनी हर आत्मा पर पड़ रही है और कठिन पल भी एक दिन बीत जाएंगे। धीरे-धीरे आप दुख के बीच भी शांति का अनुभव करते हैं और दूसरों को शक्ति व शुभभावना देने की क्षमता विकसित करते हैं।
How you want to feel
Life stages
ओम शांति ! अपने चारों ओर.. दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है.. जिन्हें हम इन आंखों से देख रहे हैं.. इन कानों से सुन रहे हैं.. उसे देखते हुए.. सुनते हुए.. थोड़े समय के लिए.. अपने आप को.. इस शरीर से अलग — शरीर का मालिक.. मन.....
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