
“जब आप महसूस करें कि दूसरों को खुश करते-करते आप अपनी असली पहचान भूल गए हैं, तब अपनी ओरिजिनल सेल्फ से जुड़ने के लिए यह मेडिटेशन करें।”
यह मेडिटेशन आपको अपने जीवन को एक नई दृष्टि से देखने में मदद करता है। जब आप स्वयं को दुनिया से ऊपर उठकर देखते हैं, तब यह स्पष्ट होने लगता है कि जीवन में कई निर्णय केवल दूसरों को खुश करने के लिए लिए गए थे। यह समझ आपको अपने भीतर के दबे हुए सत्य और अपनी असली पहचान को पहचानने की शक्ति देती है।
इस अभ्यास के दौरान अपनी ओरिजिनल क्वालिटीज़ को याद करना आत्मविश्वास और आत्मस्वीकृति को गहरा बनाता है। यह अनुभव आपको यह महसूस कराता है कि आपकी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी अपने विचारों और कर्मों के प्रति है। जब आप अपने सच्चे स्वभाव के अनुसार जीना शुरू करते हैं, तब जीवन में अधिक शांति, स्पष्टता और रचनाकार के आशीर्वाद का अनुभव होने लगता है।
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अपनी प्रेज़ेन्स को इसी रूम में महसूस करें। अपनी प्रेज़ेन्स को इस यूनिवर्स में महसूस करें और विज़ुअलाइज़ करें कि जैसे मैं एक लंबी उड़ान भर रहा हूँ, भर रही हूँ इस दुनिया से दूर। दूर से इस दुनिया को देख रहा हूँ, देख रही हूँ। धरती की सीमा को मन की शक्ति से पार करते हुए, दूर से इस दुनिया के विविध किरदारों को, विविध विचारों को देख रहा हूँ। हर प्रकार के विचार के अनेक लोग हैं। हर बात के कई पहलू हैं। हर व्यक्ति कुछ लोगों को पसंद है और कुछ लोगों को नहीं, क्योंकि सबकी अपनी-अपनी वास्तविकताएँ हैं।
अब अपना ध्यान खुद पर ले आएँ और अपनी जर्नी को, अपनी यात्रा को री-इवैल्यूएट करें। बचपन में, स्कूल टाइम में या अर्ली ट्वेंटीज़ में मेरी कैसी पर्सनैलिटी थी, और अपनी पर्सनालिटी को मैंने कहाँ-कहाँ एडजस्ट किया। बहुत सारी एडजस्टमेंट्स पॉज़िटिव भी थीं, जिन्होंने पॉज़िटिव बदलाव लाए। पर बहुत सारी एडजस्टमेंट्स केवल लोगों को खुश करने के लिए थीं। बहुत सारे निर्णय केवल अपने परिवार वालों या अन्य लोगों की खुशी के लिए लिए गए।
हर स्टेप में मैं अपने मन का, अपनी पर्सनालिटी का दमन करता रहा, करती रही। अब देखें कि मेरी प्रेज़ेंट पर्सनालिटी में कितनी एडजस्टमेंट्स आ चुकी हैं। अनेक लोगों के अनुसार चलने के कारण, उनके साथ अपनी आदतें और विचार मैच करने के लिए — उठना, बैठना, पहनना, बोलना — न जाने कितनी बातें मैंने केवल लोगों को प्लीज़ करने के लिए, उनकी खुशी के लिए एडजस्ट कीं।
पर आज अपनी ओरिजिनल सेल्फ को याद करें। अपनी ओरिजिनल क्वालिटीज़ को याद करें, जो मेरे लिए एक गॉड गिफ्ट हैं। अपने नैचुरल स्वभाव को याद करें और आज से अपने आप से वादा करें कि अब से वही करेंगे जो राइट है, जो मेरे लिए राइट है। मैं अपनी राइट और रॉन्ग कर्मों की ज़िम्मेदार हूँ। दूसरों के इमोशन्स के ज़िम्मेदार वे स्वयं हैं।
मेरे सही निर्णय से यदि किसी का मन खराब होता है, तो उसके ज़िम्मेदार वे स्वयं हैं। मेरी ज़िम्मेदारी मेरे मन पर है, मेरे कर्मों पर है। इस बात को दिल से महसूस करें। अपना हाथ अपने हृदय पर रखें और दिल से पूछें — मैं खुद को कैसा देखना चाहता हूँ, चाहती हूँ? और मेरा रचयिता, वह रचनाकार मुझे कैसा देखना चाहता है? मुझे वैसा ही बनना है। उसी में मेरी खुशी है।
जो कर्म श्रेष्ठ हैं, वही मुझे करने हैं। उसी में रचनाकार का आशीर्वाद है।
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