
“जब माता-पिता एक रास्ता सुझाते हैं, दोस्त कुछ और कहते हैं, और विकल्प इतने ज़्यादा हो जाते हैं कि निर्णय लेना मुश्किल लगने लगता है — तब यह ध्यान आत्मविश्वास देगा।”
How you want to feel
Life stages
ओम शांति !
एक गहरी सांस लें.. और फिर धीरे-धीरे छोड़ते हुए बिल्कुल रिलैक्स हो जाइए.. आंखें बंद करिए.. और मन के सभी विचारों को.. थोड़ी देर के लिए शांत कर दीजिए..
शांत !
कभी-कभी जीवन में बहुत-बहुत से विकल्प सामने आते हैं.. माता-पिता एक सुझाव देते हैं.. फ्रेंड्स कुछ और कहते हैं.. मन कुछ और कहता है..
क्या करें, क्या नहीं करें? क्या डिसीजन लें? कई बार डर लगता है.. कई बार डाउट होता है..
लेकिन यह सब हमारे निर्णय को कमजोर बना देता है..लेकिन.. आज हम किसी और पर नहीं.. परमात्मा पर भरोसा करते हैं.. बच्चे हैं हम उसके.. परमात्मा — जो हमें सबसे ज़्यादा जानते हैं.. जो हमारे कल को देख सकते हैं.. जो हमेशा हमें ब्लेसिंग देते रहते हैं.. जो सदा हमारे साथ हैं !
एक क्षण के लिए अपने वास्तविक स्वरूप में स्थित हो जाइए.. भ्रुकुटी के बीच — "मैं आत्मा.. शक्तिशाली.. निडर .. विश्वास से भरपूर — और अपने मन में दोहराइए :
"जो होगा.. बहुत अच्छा होगा.. मेरे साथ सदा अच्छा ही होता है !"
क्योंकि मैं परमात्मा का बच्चा हूं.. वह मुझे सही मार्ग दिखा रहे हैं..
एक बहुत सुंदर विजुअलाइजेशन क्रिएट कीजिए —
आप अपने जीवन के चौराहे पर खड़े हैं.. चारों ओर रास्ते हैं.. लेकिन आप अकेले नहीं हैं .. देखिए.. कौन है आपके साथ? परमात्मा हैं !
उनकी उंगली थामकर आप आगे बढ़ रहे हैं.. और हर रास्ता अब विश्वास और प्रेम से भरा है..
वरदानों से भरा है.. परमात्मा की लाइट एक बहुत ही सुंदर रास्ता दिखा रही है.. जो मेरे भविष्य को उज्जवल करने वाली है.. अपने भीतर एक विश्वास जगाइए.. और दोहराइए :
"मैं अपने भविष्य को.. अपने वर्तमान को.. परमात्मा के ऊपर समर्पित करता हूं !"
"मैं शांत हूं.. और निर्णय मेरे लिए स्वतः स्पष्ट होता जा रहा है !"
"मुझे कोई जल्दी नहीं है !"
"मुझे कोई डर नहीं है ! मैं सुरक्षित हूं.. निश्चिंत हूं !"
क्योंकि मुझे पता है —
मेरे पिता.. परमात्मा.. मेरे लिए.. मेरे कल्याण के लिए.. मुझे सही मार्गदर्शन दे रहे हैं.. और मेरे साथ सब कुछ अच्छा होने वाला है.. मेरी क्षमता से भी ज़्यादा मुझे मिलने वाला है !
अब एक बार फिर से गहरी सांस लें -
मुस्कुराइए और अनुभव कीजिए :
"मैं आत्मा शांत हूं.. निरसंकल्प हूं.. निश्चिंत हूं !"
परमात्मा पर संपूर्ण समर्पित हूं !
और मुझे विश्वास है.. कि मेरा भविष्य उज्ज्वल है —क्योंकि उसका रचयिता स्वयं भगवान है.. जो मेरे ऊपर वरदानों की वर्षा.. शक्तियों की वर्षा कर रहे हैं ! मैं निश्चिंत हूं !
ओम शांति !
Same topic and language
Broader matches from the same life stage and language