Command Palette
Search for a command to run...
Loading topic
Brahma Kumaris
Murli
Home
Murli Search
Murli Topics
Murli Chintan
AI Murli Chintan (ChatGPT)
Languages
E
English
ह
हिंदी
ગ
ગુજરાતી
త
తెలుగు
Library
Overview
Favorites
Notes & Highlights
Collections
Tracker
Settings
BKOne
Toggle Sidebar
Brahma Kumaris
Murli
Home
Library
Settings
BKOne
Search
K
Toggle theme
Home
Search
BKOne
Library
Settings
साक्षात्कार मूर्त - Embodiment of complete stage - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
Home
Topics
साक्षात्कार मूर्त - Embodiment of complete stage
साक्षात्कार मूर्त - Embodiment of complete stage
31 unique murli dates in this topic
English
हिंदी
ગુજરાતી
తెలుగు
31 murlis in हिंदी
30/07/1970
“महारथी अर्थात् महानता”
06/08/1970
“बन्धनमुक्त आत्मा की निशानी”
05/11/1970
“डिले इज़ डेन्जर”
26/01/1971
“ज़िम्मेवारी उठाने से फायदे”
15/04/1971
“त्रिमूर्ति बाप के बच्चों का त्रिमूर्ति कर्तव्य”
20/05/1971
“विधाता, वरदाता-पन की स्टेज़”
08/06/1971
“जीवन के लिए तीन चीजों की आवश्यकता - खुराक, खुशी और खज़ाना”
10/06/1971
“सेवा की धरनी तैयार करने का साधन - सर्चलाइट”
11/09/1971
“डबल रिफाइन स्टेज”
24/04/1974
“त्रिमूर्ति लाइट के साक्षात्कार-मूर्त बनने की डेट फिक्स करो”
15/09/1974
“पुरुषार्थ का अन्तिम लक्ष्य है अव्यक्त फरिश्ता-पन”
18/01/1975
“साक्षात्कार मूर्त और फरिश्ता मूर्त बनने का निमन्त्रण”
10/02/1975
“सर्व शक्तियों सहित सेवा में समर्पण”
23/01/1976
“संकल्प, वाणी और स्वरूप के हाईएस्ट और होलीएस्ट होने से बाप की प्रत्यक्षता”
02/02/1976
“भक्तों और पाण्डवों का पोतामेल”
13/01/1978
“इन्तजार के पहले इन्तजाम करो”
27/11/1978
“अल्पकाल के नाम और मान से न्यारे ही सर्व के प्यारे बन सकते हैं”
10/12/1978
“विस्तार को न देख सार अर्थात् बिन्दु को देखो”
26/11/1979
“प्रीत की रीति”
13/11/1981
“परखने और निर्णय शक्ति का आधार - साइलेन्स की शक्ति”
27/03/1982
“बीजरुप स्थिति तथा अलौकिक अनुभूतियाँ”
21/02/1983
“शान्ति की शक्ति”
10/11/1983
“सहज शब्द की लहर को समाप्त कर साक्षात्कार मूर्त बनो”
18/01/1986
“मन्सा शक्ति तथा निर्भयता की शक्ति”
20/02/1986
“उड़ती कला से सर्व का भला”
09/04/1986
“सच्चे सेवाधारी की निशानी”
18/01/1991
“विश्व कल्याणकारी बनने के लिए सर्व स्मृतियों से सम्पन्न बन सर्व को सहयोग दो”
13/11/1997
“संगमयुग के प्राप्तियों की प्रालब्ध का अनुभव करो, मास्टर दाता, महा सहयोगी बनो”
31/12/2000
“बचत का खाता जमा कर अखण्ड महादानी बनो”
28/02/2003
“सेवा के साथ-साथ अब सम्पन्न बनने का प्लैन बनाओ, कर्मातीत बनने की धुन लगाओ''
31/12/2006
“नये वर्ष की नवीनता - ''दृढ़ता और परिवर्तन शक्ति से कारण व समस्या शब्द को विदाई दे निवारण व समाधान स्वरूप बनो“