हिंदी Murlis — 1978

22 murlis
0/22 murlis read0%
02/01“ज्ञान चन्द्रमा और ज्ञान सितारों की रिमझिम”07/01“विदेशी बाप की विदेशी बच्चों से मुलाकात”13/01“इन्तजार के पहले इन्तजाम करो”18/01“बापदादा की सेवा का रिटर्न”24/01“निरन्तर सेवाधारी”14/02“समीप आत्मा की निशानियाँ”16/02“माया और प्रकृति द्वारा सत्कार प्राप्त आत्मा ही सर्वश्रेष्ठ आत्मा है”01/04“निरन्तर योगी ही निरन्तर साथी है”14/11“वक्त की पुकार”27/11“अल्पकाल के नाम और मान से न्यारे ही सर्व के प्यारे बन सकते हैं”29/11“सन्तुष्टता से प्रसन्नता और प्रशंसा की प्राप्ति”01/12“सर्व खजानों की चाबी - एकनामी बनना”03/12“पाप और पुण्य की गुह्य गति”05/12“मरजीवा जन्म का निजी संस्कार - पहली स्मृति और पहला बोल”07/12“बाप समान सम्पूर्ण बनने के चिन्ह”10/12“विस्तार को न देख सार अर्थात् बिन्दु को देखो”12/12“परोपकारी कैसे बनें?”14/12“विघ्नों से मुक्त होने की सहज युक्ति”19/12“रीयल्टी ही सबसे बड़ी रॉयल्टी है”21/12“हर कल्प की अति समीप आत्माओं का रुप, रेखा और वेला”26/12“इष्ट देव की विशेषतायें”28/12“परमात्म प्रत्यक्षता का आधार सत्यता और सत्यता का आधार स्वच्छता और निर्भयता”

© 2026 Brahma Kumaris. All rights reserved.

Murli Portal — Spiritual wisdom for daily living.

Command Palette

Search for a command to run...